शिमला
हिमाचल सरकार कर्मचारियों की तैनाती को लेकर नए फार्मूले पर काम कर रही है। इससे प्रदेश के कर्मचारियों और अफसरों में हचल मच गई है। सरकार जिस नए फार्मूले पर काम कर रही है उसके अनुसार हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में अब अधिकारियों और कर्मचारियों (employees) की तैनाती सिर्फ प्रशासनिक सहूलियत के आधार पर नहीं होगी, बल्कि क्षेत्र की जनसंख्या और भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखकर नए सिरे से युक्तिकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhwinder Singh Sukhu)ने विधानसभा में यह ऐलान करते हुए कहा कि सरकार इस पर विशेष नीति बना रही है, जिससे कर्मचारियों की कमी वाले इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी और आम जनता को सुविधाएं समय पर मिलें।
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जहां जरूरत, वहीं तैनाती – सरकार का नया फॉर्मूला
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई विभागों में कर्मचारियों की कमी की शिकायतें मिल रही हैं, खासकर जनजातीय इलाकों में यह समस्या गंभीर है। ऐसे में सरकार नई नीति के तहत जहां जरूरत होगी, वहीं कर्मचारियों की नियुक्ति करेगी। उन्होंने कहा कि खाली पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा और यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।
जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने भी इस मुद्दे पर कहा कि प्रदेश के सभी जनजातीय क्षेत्रों में कर्मचारियों और अधिकारियों के पद खाली पड़े हैं, जिन्हें भरने का काम तेजी से किया जाएगा। उन्होंने ट्राइबल सब-कॉडर को बहाल करने की मांग भी उठाई।
45 पद खाली, कार्यकारी अधिकारियों के भरोसे चल रहे विभाग
विधानसभा में विधायक डॉ. जनकराज ने सवाल उठाते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 45 पद खाली हैं, और विभागों का काम कार्यकारी अधिकारियों के भरोसे चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जरूरत के हिसाब से नियुक्तियां करने की बात तो करती है, लेकिन उनके क्षेत्र में स्थिति अभी भी बेहद खराब बनी हुई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में जल्द मिलेगी बड़ी राहत
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में जल्द ही सभी जरूरी पदों को भरा जाएगा। जहां ओपीडी लोड ज्यादा है, वहां के हिसाब से नियुक्तियां होंगी। उन्होंने डोडरा क्वार और रोहड़ू अस्पताल का जिक्र करते हुए कहा कि यहां स्टाफ की भारी कमी है, जिसे जल्द दूर किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि हिमाचल में जल्द ही 200 डॉक्टरों की नियुक्ति होगी, जिसके लिए 16 मार्च को लिखित परीक्षा आयोजित की गई है। इससे प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी दूर होगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
सरकार के कदम से कर्मचारियों में मचा हड़कंप
सरकार की इस नई तैनाती नीति से जहां कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं कई इलाकों में इसे राहत भरा कदम भी माना जा रहा है। जो अधिकारी-कर्मचारी सुविधाजनक तैनाती के इंतजार में थे, उन्हें अब नए नियमों के तहत काम करना पड़ सकता है। वहीं, कर्मचारियों की कमी झेल रहे इलाकों के लोगों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है।
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