राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने गंभीर बीमारी से पीड़ित SBI कर्मचारी का जयपुर से हैदराबाद तबादला रद्द करते हुए कहा कि कर्मचारियों की मेडिकल स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
जयपुर
किसी कर्मचारी की गंभीर बीमारी को नजरअंदाज कर सिर्फ नियमों का हवाला देकर तबादला करना उचित नहीं है। इसी महत्वपूर्ण टिप्पणी के साथ Rajasthan High Court ने State Bank of India के एक कर्मचारी का तबादला आदेश रद्द कर दिया।
मामले की सुनवाई Sanjeev Prakash Sharma (कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश) और Sangeeta Sharma की खंडपीठ ने की। अदालत ने कहा कि बैंकों और अन्य संस्थानों को अपने कर्मचारियों की मेडिकल स्थिति को समझते हुए संवेदनशील और व्यावहारिक रवैया अपनाना चाहिए, न कि केवल प्रशासनिक सर्कुलर का कठोर पालन करना चाहिए।
बीमारी के बावजूद हैदराबाद ट्रांसफर
दरअसल, एसबीआई के एक कर्मचारी का तबादला जयपुर से हैदराबाद कर दिया गया था। कर्मचारी ने अदालत में याचिका दायर कर बताया कि उसे इस्केमिक स्ट्रोक हुआ है, जिसके कारण उसके शरीर की गतिविधियां काफी सीमित हो गई हैं। रोजमर्रा के कई कामों के लिए वह अपने परिवार पर निर्भर है। ऐसी स्थिति में दूर शहर में तबादला उसके लिए बेहद मुश्किल और जोखिम भरा हो सकता है।
बैंक ने सर्कुलर का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान बैंक की ओर से दलील दी गई कि 2 मई 2023 के एक सर्कुलर के अनुसार प्रत्येक सर्कल में केवल एक लोकल हेड ऑफिस और तीन नेटवर्क होंगे, और हर नेटवर्क में सिर्फ एक आधिकारिक भाषा अधिकारी ही नियुक्त किया जा सकता है। इसी कारण कर्मचारी का तबादला किया गया।
अदालत ने सर्कुलर की व्याख्या पर उठाए सवाल
खंडपीठ ने सर्कुलर का अध्ययन करते हुए पाया कि कई अन्य सर्कलों में एक से अधिक आधिकारिक भाषा अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। यहां तक कि नई दिल्ली सर्कल में भी अतिरिक्त पदों की अनुमति दी गई है।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि सर्कुलर में ऐसा कहीं अनिवार्य नहीं है कि किसी नेटवर्क में केवल एक ही अधिकारी नियुक्त हो सकता है। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त अधिकारी भी रखे जा सकते हैं।
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‘नियमों की आड़ में कठोरता ठीक नहीं’
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि बैंक अधिकारी सर्कुलर की व्याख्या में अनावश्यक कठोरता दिखा रहे हैं। किसी प्रशासनिक निर्देश को इस हद तक लागू नहीं किया जा सकता कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे कर्मचारी को उसी स्थान पर काम जारी रखने का अवसर ही न मिले।
जयपुर में ही सेवा जारी रखने का आदेश
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने कर्मचारी का तबादला आदेश निरस्त कर दिया और उसे जयपुर में ही सेवा जारी रखने की अनुमति दे दी। साथ ही एसबीआई को निर्देश दिया गया कि जयपुर के किसी नेटवर्क में उसकी उपयुक्त नियुक्ति के संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए जाएं।
अदालत ने यह भी कहा कि कर्मचारियों के तबादले और पदस्थापन जैसे फैसले लेते समय उनकी स्वास्थ्य स्थिति को भी उतनी ही गंभीरता से देखना चाहिए, खासकर तब जब कर्मचारी लंबे समय से सेवा में हो और गंभीर बीमारी से जूझ रहा हो।
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