सुखद खबर: वाल्मीकि समाज की बेटी के सिर से उठा पिता का साया तो गांवों वालों ने निभाई ब्याह की सारी रस्में

राजस्थान का एक जिला है जालौर और इस जिला मुख्यालय से दस किमी दूर एक गांव है सांकरणा। जातिगत विद्वेष के बीच इस गांव से बेहद सुखद खबर आई है। और इसी सुखद खबर ने इस गांव को

सावन लागौ चले पुरवैया उड़जा काग लिवा ला भईया. . .

श्रावण मास में युवतियों का सबसे प्यारा त्यौहार तीज है। वर्षा ऋतु में चारों तरफ की धरा भी सघन हरितिमा से मुस्कराने लगती है। चारों ओर उमंग और उल्लास का

जिस शख्स को मृत मानकर कर दिया ब्रह्मभोज, 25 साल बाद भरतपुर में मिला, उड़ीसा से आया बेटा पिता को देख बिलख पड़ा

उड़ीसा के कटक में जिस शख्स को मृत मानकर ब्रह्मभोज कर दिया गया वह शख्स भरतपुर के अपना घर आश्रम में मिल गया। उड़ीसा से जब बेटा पिता को लेने यहां पहुंचा पिता-पुत्र दोनों

असहायों के लिए ‘अन्नपूर्णा’ बना भरतपुर ऑयल मिलर्स एसोसिएशन

भरतपुर ऑयल मिलर्स एसोसिएशनअसहायों के लिए ‘अन्नपूर्णा’ बनकर सामने आया जब उसने सोमवार से उनके लिए निशुल्क भोजन व्यवस्था शुरू की। पहले दिन ही बड़ी संख्या में असहाय लोग