Hindi Poetry

चार मुक्तकों में जिंदगी का आईना

NaiHawa

चार प्रेरणादायक मुक्तक जो जिंदगी के संघर्ष, सच्चाई और हौसले को बेहद सरल और गहरे शब्दों में बयां करते हैं। पढ़ें दिल को छू लेने वाली हिंदी कविता।

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मंदिर में छोटी सी प्रार्थना, और भर आई दादाजी की आंखें | पांच साल की अनाया बोली – ‘भगवान जी, पापा को अब घर भेज दो’

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पांच साल की अनाया मंदिर में भगवान से ऐसी प्रार्थना करती है जिसे सुनकर दादाजी की आंखें भर आती हैं। मासूम बच्ची का अपने पिता के लिए प्यार और इंतजार दिल को छू लेने वाली कहानी बन जाता है।

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जीवन …

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मरुस्थल की तपती रेत पर, दोपहर में नंगे पैर चलना होता है।

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ये दुनिया मतलबी है दोस्तो …

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रिश्तों की बदलती मिठास, अकेलेपन की पीड़ा और दुनिया की मतलबी सच्चाई को बयान करती एक भावुक कविता। जीवन के अनुभवों और टूटते रिश्तों पर आधारित मार्मिक अभिव्यक्ति।

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चेहरे …

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यह लघु कहानी बताती है कि कैसे लोग प्रदूषण और ट्रैफिक पर चिंता जताते हैं, लेकिन अपने व्यवहार से उन्हीं समस्याओं को बढ़ावा भी देते हैं। समाज के दोहरे चेहरों पर तीखा व्यंग्य।

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डरी हुई नन्ही…

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एक मासूम बच्ची, आया की डरावनी कहानियों से इतना सहम गई कि अंधेरे में उसे चुड़ैल दिखाई देने लगी। पढ़ें “डरी हुई नन्ही” — बचपन के डर और माता-पिता के स्नेह को दर्शाती एक भावनात्मक लघु कथा।

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सुख…

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पानी के बुलबुले की भांति क्षणिक, कांच की भांति भंगुर, स्वयं की परछाई की भांति हाथ ना आने वाला होता है सुख।

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सुसंस्कृत सौदा…

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मंडप में अग्नि प्रज्वलित थी— साक्षी, शुद्ध, निर्विकार। मंत्र गूँज रहे थे— “अटूट बंधन।” किन्तु धीमी फुसफुसाहटों में एक ही

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श्रीनाथद्वारा पाटोत्सव में चार साहित्यकार ‘ब्रजभाषा ग़ज़ल श्री’ सम्मान से विभूषित

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श्रीनाथद्वारा में आयोजित पाटोत्सव में ब्रजभाषा ग़ज़ल को विशेष स्थान मिला। भरतपुर व दौसा के चार साहित्यकारों को ब्रजभाषा ग़ज़ल श्री सम्मान से नवाजा गया।

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अतीत की भूल…

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यह तो कोई बात नहीं है , एक भूल यदि कोई हो गई उसको लेकर के ही सोचें कैसे ,क्यों कर हुआ ये हमसे।

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