मंदिर में छोटी सी प्रार्थना, और भर आई दादाजी की आंखें | पांच साल की अनाया बोली – ‘भगवान जी, पापा को अब घर भेज दो’
पांच साल की अनाया मंदिर में भगवान से ऐसी प्रार्थना करती है जिसे सुनकर दादाजी की आंखें भर आती हैं। मासूम बच्ची का अपने पिता के लिए प्यार और इंतजार दिल को छू लेने वाली कहानी बन जाता है।
Read Moreये दुनिया मतलबी है दोस्तो …
रिश्तों की बदलती मिठास, अकेलेपन की पीड़ा और दुनिया की मतलबी सच्चाई को बयान करती एक भावुक कविता। जीवन के अनुभवों और टूटते रिश्तों पर आधारित मार्मिक अभिव्यक्ति।
Read Moreडरी हुई नन्ही…
एक मासूम बच्ची, आया की डरावनी कहानियों से इतना सहम गई कि अंधेरे में उसे चुड़ैल दिखाई देने लगी। पढ़ें “डरी हुई नन्ही” — बचपन के डर और माता-पिता के स्नेह को दर्शाती एक भावनात्मक लघु कथा।
Read Moreसुसंस्कृत सौदा…
मंडप में अग्नि प्रज्वलित थी— साक्षी, शुद्ध, निर्विकार। मंत्र गूँज रहे थे— “अटूट बंधन।” किन्तु धीमी फुसफुसाहटों में एक ही
Read Moreश्रीनाथद्वारा पाटोत्सव में चार साहित्यकार ‘ब्रजभाषा ग़ज़ल श्री’ सम्मान से विभूषित
श्रीनाथद्वारा में आयोजित पाटोत्सव में ब्रजभाषा ग़ज़ल को विशेष स्थान मिला। भरतपुर व दौसा के चार साहित्यकारों को ब्रजभाषा ग़ज़ल श्री सम्मान से नवाजा गया।
अतीत की भूल…
यह तो कोई बात नहीं है , एक भूल यदि कोई हो गई उसको लेकर के ही सोचें कैसे ,क्यों कर हुआ ये हमसे।
Read Moreगाजर का हलवा…
रामवती सुबह 7:00 बजे जब अपने घर से काम करने के लिए निकली, तब कुछ दूरी पर भी कोहरे के कारण कुछ दिखाई नहीं दे रहा था । सर्दी से वह कांप रही थी ,उसने अपने शॉल को और कस कर
