मुजफ्फरनगर के जज रवि कुमार दिवाकर ने दहेज हत्या के दोषी नदीम को फांसी की सजा सुनाई। फैसले में कथित माफिया दबाव और धमकी का जिक्र करते हुए कहा- डरपोक जज कहलाना मंजूर नहीं।
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11 महीने बाद राजस्थान हाईकोर्ट को मिला नियमित चीफ जस्टिस | शपथ लेते ही जोधपुर रवाना हुए संजय के. अग्रवाल, सादगी भी चर्चा में
जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल ने राजस्थान हाईकोर्ट के 44वें नियमित मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। शपथ के बाद वे जोधपुर रवाना हो गए।
44 साल तक अदालतों में अटका हत्या का मामला, अब 70 साल के आरोपी को मिली राहत | सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ऐसी देरी न्यायिक व्यवस्था की विफलता
1981 के दोहरे हत्याकांड का मामला करीब 45 साल तक अदालतों में चलता रहा। सुप्रीम कोर्ट ने लंबित आपराधिक अपीलों पर चिंता जताई और 70 वर्षीय आरोपी को रिहाई का आदेश दिया।
Judgment: बेटा-बहू घर में रहेंगे या नहीं, फैसला बुजुर्ग का? सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और गरिमा के लिए जरूरत पड़ने पर ट्रिब्यूनल बेटे-बहू को संपत्ति से बेदखल करने का आदेश दे सकता है।
अदालतों में सुविधाओं का जिम्मा किसका? केंद्र ने साफ किया पूरा गणित | जिला कोर्ट में कोर्ट रूम से लेकर डिजिटल कंप्यूटर कक्ष तक, राज्यों की भूमिका सबसे अहम
जिला और अधीनस्थ अदालतों के बुनियादी ढांचे की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। केंद्र 1993-94 से CSS के जरिए कोर्ट रूम, आवास, वकील हॉल, शौचालय और डिजिटल कंप्यूटर कक्ष के लिए मदद दे रहा है।
सुप्रीम कोर्ट में नहीं चली सुक्खू सरकार की दलील | कर्मचारियों की वरिष्ठता पर बना कानून रद्द, हाईकोर्ट के फैसले पर लगी मुहर
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार की SLP खारिज कर कर्मचारियों की वरिष्ठता और सेवा लाभ से जुड़े 2024 के कानून को रद्द करने वाले हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।
FIR दर्ज है तो क्या प्रमोशन रुक जाएगी? हाईकोर्ट ने दिया ऐसा फैसला, लाखों कर्मचारियों के लिए बन सकता है मिसाल
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि केवल FIR दर्ज होने से सरकारी कर्मचारी की पदोन्नति नहीं रोकी जा सकती। चार्ज फ्रेम होने से पहले सीलबंद लिफाफा प्रक्रिया लागू नहीं होगी। जानिए पूरा फैसला।
शिक्षा विभाग में बड़ा भूचाल: हाईकोर्ट के फैसले से बदल जाएगा 5 साल की प्रिंसिपल पदोन्नतियों का खेल, डीईओ प्रमोशन पर भी गिरेगी गाज
राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में 1 अप्रैल 2021 से अब तक हुई सभी प्रिंसिपल पदोन्नतियों की रिव्यू डीपीसी (समीक्षा) करने के आदेश दिए हैं। व्याख्याता और हेडमास्टर विवाद पर आए इस फैसले से डीईओ स्तर तक के प्रमोशन प्रभावित होंगे। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
