डॉलर पर RBI का ‘सर्जिकल वार’ | बैंकों को अतिरिक्त डॉलर बेचने होंगे, रुपये में दिख सकती है अचानक ताकत

RBI ने बैंकों की डॉलर पोजिशन पर 100 मिलियन डॉलर की सीमा तय की। विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त डॉलर की बिक्री से बाजार में सप्लाई बढ़ेगी और रुपये को मजबूती मिल सकती है।

नई दिल्ली 

मुद्रा बाजार में हलचल मचाने वाला बड़ा कदम उठाते हुए Reserve Bank of India (आरबीआई) ने बैंकों की डॉलर होल्डिंग पर सख्त सीमा तय कर दी है। केंद्रीय बैंक के इस फैसले से आने वाले दिनों में बाजार में डॉलर की बाढ़ और रुपये में मजबूती का नया दौर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

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आरबीआई ने बैंकों के लिए Net Open Position in INR (NOP-INR) की अधिकतम सीमा 100 मिलियन डॉलर तय कर दी है। यह वही सीमा है जो तय करती है कि कोई बैंक कुल मिलाकर कितनी डॉलर पोजिशन लेकर बैठ सकता है। केंद्रीय बैंक ने साफ निर्देश दिया है कि सभी बैंक 10 अप्रैल तक अपनी पोजिशन इस तय सीमा के भीतर लाएं।

क्यों मचा है बाजार में हलचल

असल में कई बैंकों के पास अभी बड़ी मात्रा में लॉन्ग डॉलर पोजिशन है, यानी उन्होंने डॉलर खरीदकर जमा कर रखे हैं। नई सीमा लागू होने के बाद उन्हें अपनी अतिरिक्त होल्डिंग बाजार में बेचनी पड़ेगी।

यहीं से रुपये के लिए कहानी बदल सकती है। जब बाजार में डॉलर की सप्लाई अचानक बढ़ेगी, तो कीमत पर दबाव आएगा और इसका सीधा फायदा रुपये को मजबूती के रूप में मिल सकता है।

सोमवार को दिख सकता है असर

मार्केट डीलर्स का अनुमान है कि यह ‘फोर्स्ड सेलिंग’ होगी—यानी नियम के चलते बैंकों को डॉलर बेचने ही पड़ेंगे। ऐसे में सोमवार के ट्रेडिंग सत्र में रुपये की चाल अचानक तेज हो सकती है और डॉलर पर दबाव बन सकता है।

RBI की बड़ी रणनीति

विशेषज्ञों के मुताबिक यह कदम केवल बाजार को संतुलित करने के लिए नहीं, बल्कि सट्टेबाजी पर लगाम लगाने की रणनीति भी है। अब बैंक जरूरत से ज्यादा डॉलर खरीदकर लंबे समय तक नहीं रख पाएंगे। हाल के दिनों में वैश्विक अनिश्चितता और मजबूत डॉलर के कारण भारतीय मुद्रा दबाव में थी। ऐसे में आरबीआई का यह फैसला रुपये को स्थिर रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

लेकिन असर हमेशा नहीं रहेगा

हालांकि जानकार यह भी कहते हैं कि यह मजबूती स्थायी नहीं भी हो सकती। अगर वैश्विक परिस्थितियां—जैसे पश्चिम एशिया का तनाव या अमेरिकी ब्याज दरें—डॉलर को समर्थन देती रहीं, तो रुपये पर दोबारा दबाव बन सकता है।

फिलहाल इतना तय है कि आरबीआई के इस फैसले ने मुद्रा बाजार को अचानक बेहद दिलचस्प मोड़ पर ला खड़ा किया है।

सरल शब्दों में समझें तो NOP-INR का मतलब यह है कि किसी बैंक के पास कुल मिलाकर कितनी ‘खुली’ डॉलर पोजिशन है—यानी बैंक ने डॉलर खरीदकर रखा है या बेच रखा है। आरबीआई ने अब इसकी अधिकतम सीमा 100 मिलियन डॉलर तय कर दी है और सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे 10 अप्रैल तक अपनी डॉलर पोजिशन को इस सीमा के भीतर ले आएं।

बैंकों को बेचने पड़ेंगे अतिरिक्त डॉलर

असल कहानी यहीं से शुरू होती है। बाजार के जानकारों के मुताबिक कई बैंकों के पास फिलहाल 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा “लॉन्ग डॉलर पोजिशन” है, यानी उन्होंने बड़ी मात्रा में डॉलर खरीदकर रखे हुए हैं।

अब जब नई लिमिट लागू हो गई है, तो बैंकों को अपनी अतिरिक्त डॉलर होल्डिंग बाजार में बेचनी पड़ेगी। जैसे ही यह बिक्री शुरू होगी, बाजार में डॉलर की सप्लाई बढ़ जाएगी और सप्लाई बढ़ने का सीधा असर कीमत पर पड़ता है।

रुपया पकड़ सकता है मजबूती

मार्केट डीलर्स और बैंकर्स का मानना है कि जब बाजार में डॉलर की सप्लाई बढ़ेगी तो डॉलर पर दबाव बनेगा और रुपया मजबूत हो सकता है। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि सोमवार के ट्रेडिंग सेशन में रुपये में तेज मजबूती देखने को मिल सकती है।

यह मूव शॉर्ट टर्म में तेज हो सकता है, क्योंकि यह ‘फोर्स्ड सेलिंग’ की स्थिति होगी—यानी बैंकों को नियम के कारण डॉलर बेचना ही पड़ेगा।

आरबीआई की रणनीति क्या है?

विशेषज्ञ इसे आरबीआई की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा मानते हैं, जिसके तहत केंद्रीय बैंक रुपये को स्थिर और संतुलित बनाए रखना चाहता है। हाल के दिनों में वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय मुद्रा पर दबाव बना हुआ था।

सट्टेबाजी पर भी लगेगी लगाम

इस फैसले का एक और बड़ा असर यह होगा कि बाजार में स्पेकुलेटिव पोजिशन यानी सट्टेबाजी पर भी लगाम लगेगी। अब बैंक जरूरत से ज्यादा डॉलर खरीदकर नहीं रख पाएंगे।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यह असर लंबे समय तक स्थायी नहीं भी रह सकता। अगर वैश्विक हालात—जैसे पश्चिम एशिया में तनाव या अमेरिका की ब्याज दरें—डॉलर को मजबूती देती रहीं, तो भविष्य में फिर से रुपये पर दबाव बन सकता है।

फिलहाल के लिए इतना तय है कि आरबीआई के इस फैसले ने मुद्रा बाजार में हलचल तेज कर दी है और सोमवार का ट्रेडिंग सेशन काफी दिलचस्प रहने वाला है।

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