IDFC First बैंक की चंडीगढ़ (Chandigarh) शाखा में 590 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा। बैंक के चार कर्मचारी सस्पेंड, हरियाणा (Haryana) सरकार के खाते से हुई हेराफेरी, फोरेंसिक ऑडिट और जांच जारी।
चंडीगढ़
देश के बैंकिंग सेक्टर को हिला देने वाला एक सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। IDFC First बैंक की चंडीगढ़ शाखा में 590 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धोखाधड़ी का मामला पकड़ा गया है—और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे खेल के सूत्रधार बैंक के अपने ही कर्मचारी निकले।
रविवार को बैंक ने खुद स्टॉक एक्सचेंज को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद सोमवार, 23 फरवरी को बैंक के शेयरों पर बाजार की पैनी नजर टिक गई है।
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सरकारी खाते में झांका तो खुला 590 करोड़ का राज
यह घोटाला तब उजागर हुआ, जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपना बैंक खाता बंद कर उसमें जमा राशि को दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया।
जब बैंक ने प्रक्रिया शुरू की, तो रिकॉर्ड में दर्ज रकम और विभाग द्वारा बताए गए बैलेंस में भारी अंतर सामने आया। गहन जांच में पता चला कि यह अंतर मामूली नहीं, बल्कि पूरे 590 करोड़ रुपये का था।
यहीं से खुलासा हुआ कि चंडीगढ़ शाखा के कुछ कर्मचारियों ने सुनियोजित तरीके से बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर कर सरकारी धन को इधर-उधर ट्रांसफर कर दिया था, ताकि किसी को शक न हो।
चार अधिकारी सस्पेंड
मामले की गंभीरता सामने आते ही बैंक प्रबंधन हरकत में आया और चार संदिग्ध अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। बैंक ने साफ किया है कि इन कर्मचारियों के खिलाफ:
- विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई
- दीवानी मुकदमे
- और आपराधिक केस दर्ज किए जाएंगे
साथ ही, इस धोखाधड़ी में शामिल किसी भी बाहरी व्यक्ति को भी नहीं बख्शा जाएगा।
बोर्ड की स्पेशल मीटिंग, फोरेंसिक ऑडिट की तैयारी
इस फ्रॉड की गंभीरता को देखते हुए बैंक ने 20 फरवरी 2026 को अपनी बोर्ड कमेटी की विशेष बैठक बुलाई, जिसमें पूरे मामले की रिपोर्ट पेश की गई।
अब बैंक इस घोटाले की तह तक पहुंचने के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी से फोरेंसिक ऑडिट कराने जा रहा है। साथ ही पुलिस को लिखित शिकायत दी जा चुकी है और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया जा रहा है।
बैंक ने उन अन्य बैंकों को भी अलर्ट भेजा है, जहां इस राशि के ट्रांसफर होने की आशंका है, ताकि संबंधित खातों को फ्रीज किया जा सके और धन की रिकवरी सुनिश्चित हो सके।
शेयर बाजार में भी असर की आशंका
इस खुलासे से पहले शुक्रवार को बैंक का शेयर 0.72 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 83.56 रुपये पर बंद हुआ था। लेकिन अब इतनी बड़ी धोखाधड़ी सामने आने के बाद सोमवार को शेयर की चाल पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं।
हालांकि बैंक का कहना है कि वह कानूनी प्रक्रिया और रिकवरी के जरिए नुकसान की भरपाई का पूरा प्रयास करेगा। बैंक ने स्पष्ट किया है कि धोखाधड़ी के मामलों में उसकी नीति पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। फिलहाल पूरा फोकस दोषियों की पहचान, सख्त कार्रवाई और धन की रिकवरी पर है।
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