राजस्थान में अब एक ही दिन में होंगे सभी बार एसोसिएशन के चुनाव, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा  फैसला | जानिए पूरा मामला

जयपुर 

राजस्थान के सभी बार एसोसिएशन के चुनाव अब एक ही दिन में होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने से इंकार कर दिया जिसमें हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश में एक ही दिन में बार एसोसिएशन के चुनाव कराने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे गई थी, लेकिन सुप्रीम अदालत ने उस आदेश में दखल देने इंकार कर दिया।

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सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई औऱ प्रशांत कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला ही मान्य होगा। आपको बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के सभी बार के चुनाव दिसम्बर माह के दूसरे शुक्रवार को कराने का आदेश दिया था। और शनिवार को वोटिंग के बाद रिजल्ट घोषित किया जाएगा। राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायाधीश एजी मसीह की डिविजनल बेंच ने यह फैसला सुनाया था।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन जोधपुर, अजमेर और टोंक को एक राहत प्रदान की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वे हाईकोर्ट के आदेश में बदलाव के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट में तीनों बार ने गुहार लगाते हुए कहा- उनका कार्यकाल संविधान के अनुसार एक या दो वर्ष में पूरा होना है। ऐसे में उनका चुनाव न कराया जाए। इसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वकील अजय सिंह ने याचिकाकर्ताओं की ओर पक्ष रखे।

राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायाधीश एजी मसीह की डिविजनल बेंच ने मामले पर सुनवाई करते हुए बार कांउसिल ऑफ राजस्थान से पूछा था कि क्या BCR प्रदेश की सभी बार एसोसिएशन में एक ही दिन तय कर चुनाव कराने की मंशा रखती है। इस पर बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के एडवोकेट प्रतीक कासलीवाल ने कोर्ट को बताया कि साल 2013 में नियम भी बनाए गए थे। जिसे लेकर बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। वर्ष 2017 में हाईकोर्ट ने बीसीआर के नियम रद्द कर दिए थे।

उन्होंने बताया कि सभी बार एसोसिएशन के संविधान अलग अलग हैं। ऐसे में बीसीआर के नियम उन सभी पर थोपे नहीं जा सकते हैं। उन्होंने हाईकोर्ट से ही आग्रह किया कि वे ही इस पर कोई फैसला करें। दी बार एसोसिएशन ऑफ जयपुर के चुनाव भी 28 अगस्त को होने थे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ये चुनाव एक बोर्ड, एक बार के नियम के तहत कराए जा रहे थे। नियमों के तहत एक वकील एक बार में ही वोट कर सकता है, यानी किसी वकील ने किसी एक बार में वोट कास्ट किया है, तो वह दूसरी बार में वोटिंग नहीं कर सकता है। हाईकोर्ट ने इसके समाधान के लिए अब बार एसोसिएशन के चुनाव एक तारीख को ही कराने का फैसला किया। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में 250 बार एसोसिएशन रजिस्टर्ड हैं। इसमें हाईकोर्ट, सेशन कोर्ट, आयोगों की बार समेत अन्य हैं। कुल 1 लाख 4 हजार के करीब एकवोकेट्स बीसीआर में रजिस्टर्ड है।

एक वकील एक वोट
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ये चुनाव एक बोर्ड, एक बार के नियम के तहत कराए जा रहे थे। नियमों के तहत एक वकील एक बार में ही वोट कर सकता है, यानी किसी वकील ने किसी एक बार में वोट कास्ट किया है, तो वह दूसरी बार में वोटिंग नहीं कर सकता है। राजस्थान हाईकोर्ट ने इसके समाधान के लिए अब बार एसोसिएशन के चुनाव एक तारीख को ही कराने का फैसला किया।

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