जयपुर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Gehlot ) सोमवार को पिंकसिटी प्रेस क्लब में ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में शामिल हुए और खुल कर अपने मन की बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अलग तरह के आदमी हैं। उन्हें पब्लिक के फैसले लेने में आनंद आता है।
गहलोत ने कहा कि मैंने अपने जीवन में अलग तरह की राजनीति की है। मैं अपनी जिंदगी से संतुष्ट हूं, जो भी पब्लिक के लिए फैसले करता हूं; मुझे आनंद आता है। गहलोत ने कहा कि मैं तीसरी बार CM बना हूं। आगे क्या होगा कोई नहीं जानता? मुझे चाणक्य कहा जाता हैं, लेकिन मैं सत्य का पुजारी हूं। गहलोत ने इस बात को फिर दोहराया कि मेरी जाति से मैं अकेला विधायक हूं, लेकिन फिर भी आप लोग मुझे मुख्यमंत्री बनाते हैं। मेरी इससे बड़ी पूंजी कुछ नहीं है।
गहलोत ने कहा कि मैंने जब भी प्रार्थना की है मानव कल्याण के लिए प्रार्थना करता हूं। मेरी बस यही छोटी सी प्रार्थना होती है। मैं पूरे ब्रह्मांड के लिए पूजा करता हूं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए चिरंजीवी योजना लागू की। इसी तरह से उड़ान योजना को उड़ान के रूप में ले जाने का सपना देखा है। इस योजना को कैसे आगे लेकर जाएं, इसके लिए मैंने पैडमैन फिल्म देखी, जबकि मैं फिल्में नहीं देखता।
सीएम गहलोत ने कहा चिरंजीवी और उड़ान योजना मेरी प्राथमिकता (Gehlot on Chiranjeevi Yojana) है। इन योजनाओं को ज्यादा से ज्यादा जनता के बीच लेकर जाएं। इसमें किसी तरह की कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उड़ान योजना को लेकर कहा कि मैं सच्चाई के रास्ते पर चलता हूं। सत्य का कोई विकल्प नहीं होता।
प्रेस से मेरा बड़ा पवित्र रिश्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेस से मेरा बड़ा पवित्र रिश्ता रहा। मैंने कभी भी पत्रकारों को दारू नहीं पिलाई। चाय भी मुझे पत्रकारों ने ही पिलाई। आपकी भूमिका को मैं बड़ी अहम मानता हूं। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि आपकी जो उम्मीद मुझसे हैं उससे अधिक मैं करना चाहता हूं। मेरा पत्रकारों से पवित्र रिश्ता है। गहलोत ने कहा कि 20 साल पहले मैंने ही पत्रकारों के लिए कल्याण कोष बनाया था। मुझसे किसी ने मांग नहीं की थी। मैं पत्रकारों के लिए मन से दिल से काम करता हूं। मेरी अंतिम सांस तक मैं मीडिया का ध्यान रखूंगा।
वैक्सीन से बड़ा बचाव
प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री गहलोत ने कोरोना की चर्चा की और कहा कि वैक्सीन से बड़ा बचाव है। मुझे भी क़ोरोना हुआ था लेकिन मैं बच गया। गहलोत कहा कि कोरोना काल में मैंने 560 वीसी की. सौ से ज्यादा कोविड को रिव्यू किया। बाकी गुड गवर्नेंस के लिए काम किया। जनता को कैसे सुशासन मिले, इसको लेकर दिन रात काम किया। वीसी के माध्यम से कम से कम 500 करोड़ रुपए की बचत हुई। गवर्नेंस में कोई कमी नहीं आने दी। सरकार ने बेस्ट गवर्नेंस देने का काम किया है।
केंद्र में छापे वाली सरकार
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र में छापे वाली सरकार है। छापे डालना सरकार की फ़ितरत है। मेरे भाई के भी छापे डाल दिए। हमारी सरकार गिराने की कोशिश की गई। ये छापे वाली सरकार है। ऊपर से आदेश नहीं आता तब तक घर से नहीं जाते। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि भारत सरकार को चाहिए कि वह राज्यों को मज़बूत करें। योजनाएं बनाए, लेकिन उनमें राज्यों पर भार नहीं पड़े।
क्या आपने ये खबरें भी पढ़ीं?
- ‘दो बेटे गोरे… तीसरा सांवला कैसे?’ | रंग पर शक, अवैध संबंधों का आरोप और फिर पत्नी को तीन तलाक
- ‘ट्रैप’ से बचे पर ‘जाल’ में फंसे, 2 थानों के SHO समेत 4 पर ACB ने दर्ज किए केस
- 60 की उम्र के बाद भी नौकरी का मौका | सरकारी पोर्टल पर बुजुर्गों के लिए 1.68 लाख वैकेंसी, 1.89 लाख ने कराया रजिस्ट्रेशन
- पेपर लीक के दोषियों को नहीं बख्शेगी सरकार; NEET विवाद के बीच PM मोदी का बड़ा ऐलान, बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट
- शादी की खुशियों के बीच बड़ा हादसा, भरतपुर में रफ्तार भरती बस का टूटा एक्सल, दोनों पहिए निकलकर अलग गिरे; मची चीख-पुकार
- Rajasthan News: UP के लड़के को मिली पहली नौकरी, पहली पोस्टिंग… और 1 साल में पहुंच गया जेल, 1000 रु. की घूस में JVVNL का JEN ट्रैप, संविदाकर्मी भी पकड़ा गया
- राजस्थान निकाय-पंचायत चुनाव से पहले बड़ा झटका; आखिर कौन-कौन से अफसर रातों-रात खो देंगे अपनी कुर्सी? पढ़ें आयोग का फरमान…
- TET नहीं पास की? अब नौकरी पर नहीं मंडराएगा खतरा… हिमाचल सरकार ने शिक्षकों को दी बड़ी राहत | सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग का फैसला
- योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: 35 हजार करोड़ के एक्सप्रेसवे, 50 हजार छात्राओं को स्कूटी और 220 नई इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी | बुनियादी ढांचे से लेकर शिक्षा, परिवहन और महिला सशक्तिकरण तक कई बड़े ऐलान
- करोड़ों की जमीन के लिए अनाथ युवक का कत्ल: खाकी का पूर्व अफसर बना हैवान, परिवार संग मिलकर युवक को घर से घसीटा, फरसे से काट डाला
