बढ़ते ही जाना है…

बाधाएं कितनी भी आएं, कदम रुकने नहीं चाहिए। डॉ. अलका अग्रवाल की कविता संघर्ष, निर्भयता और लगातार आगे बढ़ते रहने का हौसला देती है।

कड़वा सच…

जिंदगी, मौत, रिश्तों और दुनिया की बेरुखी पर विनय गर्ग ‘मोहित’ द्वारा लिखी मार्मिक कविता। अचानक मौत के बाद बदलती दुनिया और इंसानी रिश्तों की कड़वी सच्चाई को बयां करती पंक्तियां।

हर बूंद में भोलेनाथ का प्यार …

पढ़िए डॉ. अनिता जैन ‘विपुला’ की यह मन को शिवमय कर देने वाली भावपूर्ण कविता, जो श्रद्धा, प्रेम, सेवा और जीवन के गहरे संदेश से ओतप्रोत है।

छोटी-छोटी खुशियां …

बारिश से अपना लैपटॉप बचाने की चिंता में खड़ा एक कॉरपोरेट कर्मचारी, कुछ गरीब बच्चों की मासूम खुशियां देखकर अपने बचपन में लौट जाता है। डॉ. शिखा अग्रवाल की यह लघुकथा जीवन की छोटी-छोटी खुशियों का बड़ा संदेश देती है।

पूंछरी का लोठा ब्रजभाषा के रस में सराबोर | मुकुट मुखारविंद पर गूंजे कृष्ण, गुरु और राष्ट्रभक्ति के स्वर, ‘ब्रज लोक बांसुरी’ का हुआ विमोचन

भरतपुर के मुकुट मुखारविंद, पूंछरी का लोठा में अखिल भारतीय ब्रजभाषा कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। ‘ब्रज लोक बांसुरी’ पुस्तक का विमोचन हुआ और देशभर के कवियों ने काव्यपाठ किया।

गुरु महिमा …

गुरु केवल ज्ञान नहीं देते, वे जीवन का मार्ग भी प्रकाशित करते हैं। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर पढ़िए डॉ. अनिता जैन ‘विपुला’ की हृदयस्पर्शी कविता, जिसमें गुरु को ज्ञान-गंगा, जीवन-सार और मुक्ति का द्वार बताया गया है।

इंद्रजाल …

डॉ. अलका अग्रवाल की कविता ‘इंद्रजाल’ में बदलते बादलों, आकाश, हवा और प्रकृति के मायावी रूप का बेहद सुंदर और भावपूर्ण चित्रण किया गया है। पढ़ें प्रकृति और कल्पना का अनूठा काव्य।

हर आम आदमी का सपना …

पना घर बनाने का सपना, EMI का संघर्ष और बुढ़ापे की तन्हाई—आनन्द ‘अविरल’ की यह भावुक हिंदी कविता हर मिडिल क्लास परिवार की कहानी बयां करती है।

होठों पर मुस्कान …

होठों पर मुस्कान’ डॉ. अलका अग्रवाल की एक भावपूर्ण हिंदी कविता है, जो यादों, दर्द, आत्मसंयम और जीवन में मुस्कुराते रहने का प्रेरक संदेश देती है।

कागज़ पर ही सही…

यह कविता समाज में न्याय और अन्याय के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाती है। जब निर्दोष को छोटी भूल पर कठोर दंड और प्रभावशाली व्यक्ति को बड़ी गलती पर भी छूट मिलती है, तब एक संवेदनशील मन अपने शब्दों के माध्यम से मौन प्रतिरोध दर्ज करता है।