क्या बुढ़ापा खत्म हो सकता है? RAGE जीन को ब्लॉक करने वाली एंटी-एजिंग जीन थेरेपी पर बड़ा दावा, 150 साल तक जीने की संभावना पर नई चर्चा।
नई हवा डैस्क
क्या इंसान सच में बुढ़ापे को मात दे सकता है? दुनिया भर में यह सवाल हमेशा से उठता रहा है, लेकिन अब रूस से आई एक खबर ने इसे फिर से सुर्खियों में ला दिया है। दावा है कि वैज्ञानिक ऐसी जीन थेरेपी दवा पर काम कर रहे हैं, जो शरीर की ‘एजिंग मशीन’ को ही बंद कर सकती है।
रूस के विज्ञान और शिक्षा मंत्री डेनिस सेकिरिंस्की ने बताया है कि उनके देश के वैज्ञानिक दुनिया की पहली एंटी-एजिंग जीन थेरेपी विकसित करने में जुटे हैं। यह दवा RAGE (Receptor for Advanced Glycation Endproducts) नाम के जीन को ब्लॉक करेगी—वही जीन जो कोशिकाओं को बूढ़ा बनाने की प्रक्रिया शुरू करता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगर इस जीन को सक्रिय होने से रोक दिया जाए, तो कोशिकाओं की उम्र बढ़ने की रफ्तार धीमी हो सकती है और वे लंबे समय तक “युवा” बनी रह सकती हैं।
यह दावा सरांस्क शहर में आयोजित ‘लॉन्गेविटी मेडिसिन फोरम’ में किया गया, जहां इसे उम्र बढ़ने के खिलाफ सबसे संभावनाशील तकनीक बताया गया। हालांकि, अभी तक इस रिसर्च के ठोस वैज्ञानिक प्रमाण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और यह प्रयोग के शुरुआती चरण में ही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लंबे समय से उम्र बढ़ाने को लेकर खास दिलचस्पी दिखाते रहे हैं। नवंबर में एक एआई समिट के दौरान 73 वर्षीय पुतिन ने कहा था कि इंसान 150 साल तक जी सकता है। अब यह नई जीन थेरेपी उसी सोच से जुड़ी कड़ी मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में रूसी वैज्ञानिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उम्र बढ़ने से जुड़ी अपनी सभी रिसर्च सरकार को तुरंत सौंपें। इसमें कोशिकाओं के क्षरण को रोकने की तकनीक, दिमाग और इंद्रियों की कमजोरी से बचाव के उपाय, इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के तरीके और बायोप्रिंटिंग जैसी उन्नत मेडिकल तकनीकों के प्रस्ताव शामिल हैं।
रूस ने इस दिशा में एक नेशनल मिशन भी शुरू किया है, जिसका उद्देश्य 2030 तक 1 लाख 75 हजार लोगों की जान बचाना और उम्र से जुड़ी बीमारियों को कम करना है।
इसी बीच, पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच कथित बातचीत भी चर्चा में रही, जिसमें अंग प्रत्यारोपण के जरिए लंबे समय तक युवा बने रहने की बात कही गई थी। हालांकि, यह बातचीत आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है।
इस पूरी कहानी में एक दिलचस्प पहलू पुतिन का परिवार भी है। उनकी बड़ी बेटी मारिया वोरोन्त्सोवा, जो 40 वर्षीय एंडोक्रिनोलॉजिस्ट हैं, इस तरह की रिसर्च से जुड़ी बताई जाती हैं। वहीं उनके बेटे इवान स्पिरोडोनोव, जिनकी उम्र अभी 11 साल है, को लेकर यह भी चर्चा है कि भविष्य में उन्हें सत्ता में लाने की योजना हो सकती है।
पिछले साल इस क्षेत्र में रूस को झटका तब लगा, जब पुतिन के करीबी एंटी-एजिंग विशेषज्ञ प्रोफेसर व्लादिमीर खाविन्सन की 77 वर्ष की उम्र में अचानक मौत हो गई। खाविन्सन का दावा था कि इंसान 110 से 120 साल तक जी सकता है और वे इस दिशा में काम कर रहे थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुतिन और उनकी करीबी मानी जाने वाली अलिना काबाएवा दोनों खाविन्सन द्वारा तैयार एंटी-एजिंग “कॉकटेल” का इस्तेमाल करते रहे हैं, जिसकी जड़ें सोवियत दौर की सैन्य रिसर्च में बताई जाती हैं।
हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पूरी जीन थेरेपी अभी शुरुआती और परीक्षण के चरण में है। इसकी सफलता, सुरक्षा और प्रभाव को लेकर अभी कोई ठोस गारंटी नहीं है। बावजूद इसके, उम्र को मात देने की यह कोशिश विज्ञान और सत्ता—दोनों के लिए एक बड़ा दांव बन चुकी है।
दुनिया की नजर अब इस पर है कि क्या सच में वह दिन आएगा जब बुढ़ापा सिर्फ एक विकल्प बनकर रह जाएगा।
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