आरबीआई ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत एटीएम से ₹10, ₹20 और ₹50 के छोटे नोट निकालने की सुविधा शुरू की है। सफल होने पर यह व्यवस्था पूरे देश में लागू की जा सकती है।
नई दिल्ली
अब एटीएम से पैसे निकालते समय “छुट्टे नहीं हैं” वाली परेशानी धीरे-धीरे खत्म हो सकती है। आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को देखते हुए Reserve Bank of India (RBI) ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत चुनिंदा एटीएम से ₹10, ₹20 और ₹50 के छोटे नोट भी निकाले जा सकेंगे। फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है और सफल होने पर इसे पूरे देश में लागू करने की तैयारी है।
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दरअसल, रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे नोटों की कमी लंबे समय से लोगों की परेशानी बनी हुई है। चाहे चाय की दुकान हो, ऑटो का किराया देना हो या लोकल बाजार में खरीदारी—अक्सर 10, 20 और 50 रुपये के नोट ढूंढना मुश्किल हो जाता है। एटीएम से आमतौर पर 100, 200 या 500 रुपये के नोट ही निकलते रहे हैं, जिससे छोटे लेन-देन में दिक्कत बढ़ जाती थी।
इसी समस्या को दूर करने के लिए आरबीआई ने ‘स्मॉल वैल्यू डिस्पेंसर’ नाम की नई मशीनों का परीक्षण शुरू किया है। ये मशीनें खास तौर पर छोटे मूल्य के नोट देने के लिए डिजाइन की गई हैं। अभी मुंबई जैसे बड़े शहरों में इसका ट्रायल चल रहा है और अगर यह सफल रहता है तो धीरे-धीरे देश के अन्य शहरों में भी ऐसी मशीनें लगाई जाएंगी।
इस पहल की जानकारी राज्यसभा में लिखित जवाब के दौरान Pankaj Chaudhary, वित्त राज्य मंत्री ने दी। उन्होंने साफ कहा कि देश में छोटे नोटों की कोई कमी नहीं है और जरूरत के हिसाब से इनका उत्पादन लगातार बढ़ाया जा रहा है।
सरकार द्वारा संसद में दिए गए आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में फरवरी तक
- ₹10 के करीब 43,940 लाख नोट
- ₹20 के लगभग 19,370 लाख नोट
- ₹50 के करीब 13,030 लाख नोट
छापे जा चुके हैं। पिछले वर्षों की तुलना में छोटे नोटों का उत्पादन भी बढ़ाया गया है ताकि बाजार में उनकी उपलब्धता बनी रहे।
अगर यह प्रयोग सफल होता है तो इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो अब भी नकद लेन-देन पर ज्यादा निर्भर हैं—जैसे छोटे दुकानदार, सब्जी विक्रेता, ग्रामीण इलाकों के ग्राहक और दैनिक मजदूरी करने वाले लोग। कल्पना कीजिए कि बाजार जाने से पहले आप एटीएम से सीधे 10-20-50 के नोट निकाल सकें और छोटी खरीदारी में छुट्टे पैसों के लिए किसी से गुजारिश न करनी पड़े।
हालांकि फिलहाल यह योजना परीक्षण चरण में है, लेकिन सफल होने पर आने वाले समय में देश के अधिकांश एटीएम से छोटे नोट निकालना संभव हो सकता है। इससे न सिर्फ लेन-देन आसान होगा बल्कि बैंकिंग व्यवस्था पर लोगों का भरोसा भी और मजबूत होगा।
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