कोटा विश्वविद्यालय (Kota University) में प्रो. मीनू महेश्वरी और प्रो. अशोक गुप्ता की पुस्तक का विमोचन हुआ। विकसित भारत 2047 के आर्थिक विजन पर आधारित यह पुस्तक शोधार्थियों और अकादमिक जगत के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कोटा
कोटा विश्वविद्यालय (Kota University) में प्रो. मीनू महेश्वरी और प्रो. अशोक गुप्ता की पुस्तक ‘Innovative Paradigm in Business Accounting and Finance: Strategic Blueprint Vision for विकसित भारत’ का विमोचन हुआ।
इस महत्वपूर्ण कृति का विमोचन कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत और जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. पीके शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।
देश के शीर्ष अकाउंटिंग विद्वानों ने लिखा प्राक्कथन
इस पुस्तक की गंभीरता और अकादमिक महत्व का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसका प्राक्कथन देश के प्रतिष्ठित वाणिज्य और लेखांकन विशेषज्ञों—प्रो. के. इरेसी, प्रो. जीएस थाटील और प्रो. अरिंदम गुप्ता—द्वारा लिखा गया है। इन विद्वानों ने पुस्तक को आधुनिक आर्थिक परिदृश्य में एक मार्गदर्शक दस्तावेज बताया, जो शोधार्थियों और शिक्षाविदों के लिए नई दृष्टि प्रदान करेगा।
AI से लेकर कार्बन अकाउंटिंग तक—16 शोध पत्रों का संगम
प्रो. मीनू महेश्वरी ने बताया कि पुस्तक में समकालीन आर्थिक चुनौतियों और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 16 महत्वपूर्ण शोध पत्र शामिल किए गए हैं। इनमें—
- भारत में सस्टेनेबल रिपोर्टिंग
- आधुनिक मनी मैनेजमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका
- ग्रीन इन्वेस्टमेंट और पर्यावरणीय जिम्मेदारी
- मोबाइल वॉलेट और वित्तीय समावेशन
- ग्रीन फाइनेंस और डिस्क्लोजर प्रैक्टिस
- वित्तीय साक्षरता और कार्बन अकाउंटिंग
जैसे विषयों पर गहन शोध प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक न केवल वर्तमान आर्थिक प्रवृत्तियों को समझाती है, बल्कि भविष्य की वित्तीय नीतियों के लिए भी मार्ग प्रशस्त करती है।
‘विकसित भारत 2047’ के मिशन में सहायक होगी यह पुस्तक
सह-लेखक प्रो. अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि वाणिज्य और लेखांकन के बदलते स्वरूप के बीच यह पुस्तक शोधार्थियों और अकादमिक समुदाय के लिए उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में ऐसे शोध कार्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कुलगुरुओं ने बताया—शोध और अकादमिक उत्कृष्टता का प्रतीक
कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने प्रो. मीनू महेश्वरी के नेतृत्व में वाणिज्य विभाग द्वारा किए जा रहे शोध और अकादमिक कार्यों की सराहना करते हुए इसे विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला प्रयास बताया।
वहीं, कुलगुरु प्रो. पीके शर्मा ने कहा कि विकसित भारत के विजन पर केंद्रित इस पुस्तक का प्रकाशन विभाग की दूरदर्शिता का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में वाणिज्य विभाग अपने शोध और अकादमिक उपलब्धियों से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाएगा।
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