बाराबंकी
CBI ने RPF के एक इंस्पेक्टर और एक सिपाही को रेलवे के गोदाम पर रैक उतरवाने के एवज में कॉन्ट्रैक्टर से 63 हजार रुपए की घूस लेते गिरफ्तार किया है। इसके बाद अब इन दोनों को निलंबित कर दिया गया है। सीबीआई टीम ने इंस्पेक्टर के घर से पांच लाख रुपए भी बरामद किए हैं।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने घूसखोरी का यह मामला यूपी के बाराबंकी रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में पकड़ा है। सीबीआई टीम दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर नगर कोतवाली से लखनऊ लेकर चली चली गई। गिरफ्तार RPF इंस्पेक्टर का नाम अखिलेश यादव और सिपाही का नाम आशुतोष तिवारी है।
यह था मामला
बाराबंकी नगर कोतवाली क्षेत्र के बंकी कटहली मोहल्ला निवासी गुफरान अहमद ने दो दिसंबर को लखनऊ में सीबीआई के एंटी करप्शन विंग के एसपी एसके खरे को एक शिकायती पत्र देकर बताया था कि वह बतौर लेबर कांट्रैक्टर उत्तर रेलवे के गोदाम पर कई फर्मों व पार्टियों के फर्टिलाइजर्स व सीमेंट के रैक उतरवाने का काम करता है।
एक रैक उतरवाने की कीमत तीन हजार और आधी रैक की डेढ़ हजार
शिकायत में बताया गया कि रैक उतरवाने के लिए RPF के इंस्पेक्टर अखिलेश यादव अपने मातहत हेड कांस्टेबल आशुतोष त्रिपाठी के माध्यम से प्रति रैक तीन हजार व आधी रैक उतरवाने के लिए डेढ़ हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। रुपए न देने पर फर्जी मुकदमा दर्ज करने व काम न करने की धमकी देते हैं। नवंबर में उसके द्वारा उतरवाई गई रैक के लिए 63 हजार रुपए की मांग की जा रही है।
इस पर सीबीआई के एंटी करप्शन विंग के एसपी एसके खरे ने दरोगा अविनाश गुप्ता से जांच करवाने के बाद हेड कांस्टेबल आशुतोष त्रिपाठी के खिलाफ शनिवार को मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद सीबीआई के एंटी करप्शन विंग की 12 सदस्यीय टीम रात नगर कोतवाली पहुंची।
इसके बाद टीम ने बाराबंकी रेलवे स्टेशन पहुंचकर आरपीएफ थाने के इंस्पेक्टर अखिलेश यादव व सिपाही आशुतोष त्रिपाठी को 63 हजार रुपए की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
इंस्पेक्टर के घर से बरामद किए गए 5 लाख रुपए
सीबीआई टीम की जांच के दौरान इंपेक्टर अखिलेश यादव के आवास से 5 लाख रुपए भी बरामद किए हैं। मंडल सुरक्षा आयुक्त, लखनऊ अभिषेक कुमार ने बताया कि सीबीआई ने शिकायत पर आरपीएफ बाराबंकी इंस्पेक्टर व सिपाही को गिरफ्तार किया है। इस मामले में सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी इंस्पेक्टर अखिलेश यादव और सिपाही आशुतोष तिवारी को निलंबित किया जा चुका है। उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठाकर कार्यवाही की जा रही है।
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