राजस्थान में MSME को मिलेगा नया सहारा, SIDBI और राजस्थान चैंबर के बीच हुआ बड़ा समझौता; जयपुर में खुलेगा हेल्प सेंटर

राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और SIDBI के बीच DIA कार्यक्रम के तहत MoU हुआ। चैंबर परिसर में MSME उद्यमियों के मार्गदर्शन के लिए हेल्प सेंटर स्थापित होगा।

जयपुर। राजस्थान के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को वित्तीय सुविधाओं, तकनीकी उन्नयन और व्यावसायिक मार्गदर्शन से जोड़ने की दिशा में राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) ने महत्वपूर्ण पहल की है। शुक्रवार को जयपुर के एम.आई. रोड स्थित चैंबर भवन में दोनों संस्थाओं के बीच डेवलपमेंट ऑफ इंडस्ट्री एसोसिएशंस (DIA) कार्यक्रम के तहत समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस सहयोग की खास बात यह है कि चैंबर परिसर में SIDBI की ओर से हेल्प सेंटर भी स्थापित किया जाएगा, जहां उद्यमियों को उद्योगों के विकास और उपलब्ध वित्तीय सुविधाओं के संबंध में मार्गदर्शन मिलेगा।

समझौता ज्ञापन पर राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से मानद महासचिव आनंद महरवाल तथा SIDBI की ओर से महाप्रबंधक दिनेश कुमार ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य प्रदेश के उद्योग संघों को मजबूत बनाना और MSME क्षेत्र तक विभिन्न योजनाओं, वित्तीय सेवाओं तथा व्यावसायिक सहायता की पहुंच बढ़ाना है।

उद्योग संघों को मजबूत बनाने पर रहेगा जोर

समझौते के तहत राजस्थान चैंबर अपने व्यापक सदस्यता आधार, प्रदेशभर में फैले व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों के नेटवर्क तथा सूचना प्रौद्योगिकी (IT) संबंधी सहयोग के माध्यम से DIA कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन में सहायता करेगा। इसके जरिए प्रदेश के विभिन्न जिलों, औद्योगिक क्षेत्रों और अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे उद्योग संघों एवं उद्यमियों तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाई जाएगी।

राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. के. एल. जैन ने कहा कि चैंबर अपने नेटवर्क के माध्यम से उद्योग संघों और MSME को कार्यक्रम में उपलब्ध सुविधाओं से अवगत कराने तथा उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रयास करेगा। इस पहल में उद्योग संघों की संस्थागत क्षमता, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सुशासन और परिचालन दक्षता को बेहतर बनाने पर विशेष जोर रहेगा।

उन्होंने कहा कि उद्योग संघ MSME के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सशक्त और सुव्यवस्थित उद्योग संघ अपने सदस्यों की साझा समस्याओं के समाधान, व्यावसायिक जानकारी के आदान-प्रदान तथा सरकारी एवं वित्तीय संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।

वित्तीय सुविधाओं से लेकर तकनीकी उन्नयन तक मिलेगी जानकारी

DIA कार्यक्रम के माध्यम से MSME को वित्तीय सेवाओं, तकनीकी उन्नयन, डिजिटल सुविधाओं, अनुपालन संबंधी मार्गदर्शन और बाजार संपर्क के अवसरों के प्रति जागरूक करने में सहयोग दिया जाएगा। चैंबर का प्रदेशव्यापी नेटवर्क और IT आधारित व्यवस्था इस कार्यक्रम को अधिकाधिक उद्योग संघों एवं उद्यमियों तक पहुंचाने में मदद करेगी।

डॉ. के. एल. जैन ने कहा कि SIDBI के साथ यह सहयोग राजस्थान में MSME के लिए अधिक संगठित, डिजिटल रूप से सक्षम और प्रभावी व्यावसायिक सहायता तंत्र विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1949 में स्थापित राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, जयपुर, प्रदेश का सबसे पुराना शीर्ष व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठन है। चैंबर का सदस्यता आधार और व्यापारिक एवं औद्योगिक संघों का नेटवर्क पूरे राजस्थान में फैला हुआ है। संगठन अपनी स्थापना से ही उद्योग एवं व्यापार के विकास, उद्यमियों की समस्याओं के समाधान तथा सरकार के समक्ष व्यापारिक समुदाय के हितों का प्रतिनिधित्व करने की दिशा में कार्यरत है।

SIDBI के महाप्रबंधक ने बताई कार्यक्रम की अहमियत

SIDBI के महाप्रबंधक दिनेश कुमार ने कहा कि डेवलपमेंट ऑफ इंडस्ट्री एसोसिएशंस कार्यक्रम उद्योग संघों को अधिक सक्षम, प्रभावी और आत्मनिर्भर संस्थाओं के रूप में विकसित करने की महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत उद्योग संघों की क्षमता निर्माण, विशेषज्ञ सेवाओं तक पहुंच, डिजिटल संपर्क और MSME समूहों के समग्र विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा।

राजस्थान चैंबर ने SIDBI के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को प्रदेश के विभिन्न उद्योग संघों तक पहुंचाने तथा इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस सहयोग से MSME क्षेत्र को संस्थागत सहायता मिलने के साथ औद्योगिक विकास, प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

चैंबर परिसर में बनेगा SIDBI का हेल्प सेंटर

इस समझौते के तहत राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के परिसर में SIDBI की ओर से हेल्प सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र प्रदेश के उद्यमियों एवं उद्योगपतियों को MSME क्षेत्र से संबंधित विभिन्न योजनाओं, वित्तीय सुविधाओं, ऋण संबंधी जानकारी, तकनीकी उन्नयन और उद्योगों के विकास के लिए उपलब्ध सहायता के बारे में मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

हेल्प सेंटर उद्यमियों और SIDBI के बीच सेतु के रूप में कार्य करेगा। इससे उद्यमियों को अपनी व्यावसायिक समस्याओं के समाधान, उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी और संबंधित सहायता प्राप्त करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कार्यक्रम में ये पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद

कार्यक्रम में चैंबर के कार्यकारी अध्यक्ष डी. एस. भंडारी, डॉ. आर. एस. जैमिनी, आत्माराम गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. अरुण अग्रवाल, मानद महासचिव आनंद महरवाल, बृज बिहारी शर्मा,  विजय गोयल, संयुक्त सचिव श्री बादशाह मियाँ, श्री इन्दर सिंह कुदरत, श्री सुधीर भंडारी, श्री कमलेश जैन और श्री कमल विजयवर्गीय उपस्थित रहे।

इसके अलावा चैंबर के कार्यकारी निदेशक योगेश नारायण माथुर, सचिव श्री दिनेश कुमार कानूनगो, अतिरिक्त सचिव श्री कन्हैया लाल जांगिड, संयुक्त सचिव श्री अमित पारीक, उप सचिव श्री त्रिनेत्र रोलीवाल, श्रीमती शालिनी अग्रवाल, शंकर लाल शर्मा तथा SIDBI के अमित श्रृँगी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर चैंबर के कार्यकारिणी सदस्य और बड़ी संख्या में उद्योगपति, व्यापारी, आयातक-निर्यातक एवं चैंबर सदस्य मौजूद रहे।

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