भजनलाल सरकार ने 21 IAS अफसरों को सौंपी बड़ी कमान, आखिर किस मिशन पर लगाया?

राजस्थान में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए भजनलाल सरकार ने 21 वरिष्ठ IAS अधिकारियों को देश-विदेश की जिम्मेदारी सौंपी है। जानें किसे मिला कौन सा राज्य और देश।

जयपुर: राजस्थान में उद्योग और व्यापार को वैश्विक स्तर पर एक नई उड़ान देने के लिए भजनलाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कार्मिक विभाग ने प्रदेश के 21 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को देश-विदेश में निवेश के अवसर तलाशने की अहम जिम्मेदारी सौंपी है।

अब ये अधिकारी केवल प्रशासनिक कामों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि तय किए गए राज्यों और देशों में जाकर राजस्थान के ब्रांड एंबेसडर की तरह काम करेंगे।

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विदेश और अन्य राज्यों में संभालेंगे मोर्चा

इन अधिकारियों को देश के प्रमुख राज्यों के साथ-साथ दुनिया के चुनिंदा देशों की कमान दी गई है। ये वहां उद्योगपतियों, निवेशकों और प्रवासी राजस्थानियों (NRRs) से सीधा संवाद करेंगे ताकि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निवेश आ सके।

प्रमुख अधिकारियों और उनके कार्यक्षेत्रों की सूची:

  • गायत्री ए. राठौड़: गोवा और सिंगापुर

  • टी. रविकांत: आंध्र प्रदेश और केन्या

  • मंजू राजपाल: बिहार और हांगकांग

  • नवीन जैन: हरियाणा और सऊदी अरब

  • कृष्ण कुणाल: झारखंड और कतर

  • रवि जैन: छत्तीसगढ़ और ऑस्ट्रेलिया

  • डॉ. रवि कुमार सुरपुर: कर्नाटक और दक्षिण अफ्रीका

  • डॉ. जोगा राम: केरल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)

  • पी. रमेश: तेलंगाना और आयरलैंड

  • आरती डोगरा: उत्तराखंड और जर्मनी

  • डॉ. रोहित गुप्ता: उत्तर प्रदेश और ब्रिटेन (UK)

  • आनंदि: तमिलनाडु और जापान

  • रंजन विशाल: पंजाब और स्पेन

  • अर्चना सिंह: मध्यप्रदेश और फिनलैंड-डेनमार्क

  • नकाते शिवप्रसाद मदन: महाराष्ट्र और ब्राजील

  • शिवांगी स्वर्णकार: असम और अमेरिका (USA)

  • अनुपमा जोरवाल: दिल्ली और इटली

  • रुक्मणि रियार: पश्चिम बंगाल और स्वीडन-नॉर्वे

  • हिमांशु गुप्ता: ओडिशा और युगांडा

  • अरविंद कुमार पोसवाल: हिमाचल प्रदेश और नेपाल

  • सुरेश कुमार ओला: गुजरात और स्विट्जरलैंड

क्या बदलेगा इससे?

यह पूरी कवायद घरेलू एवं प्रवासी राजस्थानी मामलों के विभाग (DORA) के दिशा-निर्देशों के तहत संचालित होगी। सरकार का मुख्य फोकस देश-विदेश में बैठे उन निवेशकों को आकर्षित करना है जो राजस्थान की विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार का यह ‘IAS मास्टरप्लान’ राजस्थान के औद्योगिक नक्शे को बदलने में कितना कारगर साबित होता है?

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