भरतपुर के वार्ड-41 की पार्षद योगेश्वरी मुदगल ने जाटोली घना के राजकीय पंडित मेवाराम उच्च माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त समाधि स्थलों के पुनर्निर्माण व सौंदर्यीकरण की बात कही।
भरतपुर। बच्चों की पढ़ाई के लिए दान की गई संपत्ति से जुड़े पारिवारिक समाधि स्थल क्षतिग्रस्त मिले तो वार्ड-41 की पार्षद योगेश्वरी मुदगल ने उनके पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण की बात कही। शनिवार को राजकीय पंडित मेवाराम उच्च माध्यमिक विद्यालय, जाटोली घना पहुंचीं पार्षद ने स्कूल की समस्याओं की जानकारी लेने के साथ बच्चों से उनकी पढ़ाई को लेकर भी बातचीत की।
विद्यालय पहुंचने पर योगेश्वरी मुदगल ने स्टाफ से स्कूल में आ रही समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद वह बच्चों के बीच बैठीं और उनकी शिक्षा के बारे में चर्चा की। शीत ऋतु की शुरुआत और भगवान राम से जुड़े त्योहारों के शुभारंभ की खुशी में उन्होंने सभी बच्चों को मिठाई वितरित की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दान में दी गई संपत्ति, पूर्वजों के समाधि स्थलों का होगा पुनर्निर्माण
विद्यालय भवन के निरीक्षण के दौरान पार्षद ने अपने पूर्वजों के पूजा स्थल पर बने समाधि स्थलों को क्षतिग्रस्त अवस्था में पाया। उन्होंने बताया कि यह संपत्ति उनके परिवार ने बच्चों की शिक्षा के उद्देश्य से सरकार को दान में दी थी। उन्होंने क्षतिग्रस्त समाधि स्थलों का शीघ्र पुनर्निर्माण कराने और परिसर का सौंदर्यीकरण करने की बात कही।
विद्यालय से उनके परिवार का जुड़ाव पहले भी रहा है। दो वर्ष पूर्व पार्षद के परिवारजन और दूरदर्शन के पूर्व निर्देशक स्वर्गीय ए.पी. शर्मा के नाम पर 6.5 लाख रुपये की लागत से बच्चों की पढ़ाई के लिए एक कमरे का निर्माण कराया गया था।
साफा, दुपट्टा और पुष्पगुच्छ भेंट कर किया सम्मान
इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ और बच्चों ने पार्षद योगेश्वरी मुदगल तथा पूर्व पार्षद दीपक मुदगल का साफा, दुपट्टा और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया। कार्यक्रम के अंत में पूर्व पार्षद दीपक मुदगल ने सभी का आभार व्यक्त किया।
नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
घर की इन 5 आम चीजों में छिपा है ‘धीमा जहर’, कहीं आपके परिवार की सेहत पर तो नहीं मंडरा रहा खतरा?
