नई दिल्ली
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्राइवेटाइजेशन के खिलाफ बैंक कर्मचारी कल और परसों यानी 16 दिसंबर और 17 दिसंबर को हड़ताल पर रहेंगे। इन दो दिनों सरकारी बैंकों में कामकाज ठप रहेगा। इस बीच SBI और PNB ने माना है कि इस हड़ताल से बैंक के कामकाज पर असर पड़ेगा। एक दिन पहले ही इन बैंकों ने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की थी और कहा था कि हड़ताल से निपटने के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बैंक निजीकरण को लेकर एक अहम बयान सामने आया है।
अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (AIBOC) के महासचिव संजय दास ने कहा कि PSB के निजीकरण से अर्थव्यवस्था के प्रॉयोरिटी सेक्टर को नुकसान होगा। इसके अलावा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रेडिट फ्लो और सेल्फ हेल्प ग्रुप को नुकसान होगा।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India -SBI) के बाद, तीन और बैंकों, पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank – PNB) सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) और आरबीएल बैंक (RBL Bank) ने कहा है कि 16 दिसंबर और 17 दिसंबर को बैंक हड़ताल की वजह से उनके कामकाज पर असर पड़ेगा।
PNB ने स्टॉक एक्सचेंज को दिए गए एक बयान में कहा है कि बैंक ने अपनी शाखाओं और ऑफिस में सामान्य कामकाज के लिए इंतजाम किए हैं, लेकिन हड़ताल की वजह से बैंक के कामकाज पर असर पड़ सकता है। वहीं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि उसने हड़ताल से निपटने के लिए सभी शाखाओं और दफ्तरों में सामान्य कामकाज के लिए मौजूदा गाइडलाइंस के सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। RBL बैंक ने कहा है कि विरोध करने वाली यूनियनों से जुड़े उसके कर्मचारी हड़ताल में हिस्सा ले सकते हैं, जो कि इंडस्ट्री लेवल पर हैं।
भारतीय बैंक संघ (IBA) द्वारा सूचित किया गया है कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने हड़ताल का नोटिस दिया है, यह सूचित करते हुए कि UFBU के यूनियन के अन्य सदस्य यूनियन जैसे AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC एनसीबीई, एआईबीओए, BEFI, INBEF ने अपनी मांगों के समर्थन में 16 और 17 दिसंबर 2021 को देशव्यापी बैंक हड़ताल पर जाने का प्रस्ताव रखा है।
आरबीआई कर्मी भी विरोध में
बैंकों के निजीकरण के विरोध में आरबीआई कर्मचारी भी आ गए हैं। ऑल इंडिया रिजर्व बैंक इंप्लाई एसोसिएशन और ऑल इंडिया रिजर्व बैंक वर्कर्स फेडरेशन ने भी लेटर जारी कर आरबीआई कर्मचारियों को विरोध करने के लिए कहा है। लंच टाइम में गेट पर खड़े होकर आरबीआई कर्मी बैंकों के पक्ष में अपनी ताकत दिखाएंगे।
इसलिए कर रहे हैं हड़ताल
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC) के जनरल सेकट्ररी संजय दास कहा कि अगर सरकार अपने फैसले में बदलाव नहीं करती है तो वह आगे भी अलग-अलग तरीकों से विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला ग्रामीण अर्थव्यवस्था की गहरी चोट पहुंचाने वाला है।
कैबिनेट कमेटी ने अभी नहीं लिया फैसला: निर्मला सीतारमण
माना जा रहा है बैंकों के मैनजमेंट और आईबीए ( Indian Banks’ Association) बैंक यूनियनों के संपर्क में हैं और हड़ताल को टालने के लिये बातचीत कर रहे हैं। लेकिन बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला है। इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि निजीकरण को लेकर बनी कैबिनेट कमेटी ने दो बैंक जिनका निजीकरण होगा उसे लेकर फैसला नहीं लिया है।
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