कोटा विश्वविद्यालय (Kota University) के वाणिज्य विभाग और इंडियन एकाउंटिंग एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में यूनियन बजट 2026-27 पर राउंड टेबल डिस्कशन आयोजित हुआ। ग्रोथ, गवर्नेन्स और विकसित भारत पर चर्चा की गई।
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कोटा विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग एवं इंडियन एकाउंटिंग एसोसिएशन, कोटा ब्रांच के संयुक्त तत्वावधान में ‘यूनियन बजट 2026-27 : ग्रोथ, गवर्नेन्स एण्ड ग्लोबल चैलेन्जेज – जर्नी टुवर्ड्स विकसित भारत’ विषय पर एक राउंड टेबल डिस्कशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बजट के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक प्रभावों पर गहन विमर्श हुआ।
कार्यक्रम की प्रोग्राम डायरेक्टर एवं वाणिज्य विभागाध्यक्ष सी.एम.ए. प्रोफेसर मीनू माहेश्वरी ने कार्यक्रम के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विभाग विद्यार्थियों के चहुमुखी विकास के लिए निरंतर अकादमिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। उन्होंने कहा कि यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर आधारित है और समावेशी विकास को लक्ष्य बनाता है।
प्रोफेसर माहेश्वरी ने कहा कि बजट से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है। महिला कल्याण अब केवल कर्ज आधारित आजीविका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें अपने व्यवसाय की स्वामित्वकर्ता बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में शी-मार्ट की घोषणा की गई है। शिक्षा क्षेत्र में भी अहम प्रावधान करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में पाँच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाने की योजना तथा स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग को 86,562 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट दिया गया है।
शिक्षा में तकनीक को जोड़ते हुए स्कूल स्तर से ही ए.आई. को पाठ्यक्रम में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। शिक्षा से रोजगार की कड़ी को मजबूत करने के लिए हाई-पावर एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज स्थायी समिति के गठन की घोषणा भी बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
इंडियन एकाउंटिंग एसोसिएशन, कोटा ब्रांच के चेयरमैन प्रोफेसर अशोक गुप्ता ने केंद्रीय बजट 2026-27 की प्रक्रिया और प्रमुख बिंदुओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि बजट महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों, आधारभूत संरचना, उद्योग जगत और ए.आई. जैसी आधुनिक तकनीकों पर केंद्रित है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज के विभिन्न वर्गों तक बजट से जुड़ी जानकारी पहुंचाने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता सी.ए. दीक्षान्त सोनी ने बताया कि कर कानूनों को सरल बनाने के उद्देश्य से आयकर अधिनियम 1961 के स्थान पर नया आयकर अधिनियम 2025 लागू किया जाएगा, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। संशोधित आयकर विवरणी दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च होगी। आयकर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और पुरानी व नई दोनों कर व्यवस्थाएं यथावत रहेंगी। उन्होंने शेयर पुनर्खरीद, विदेशी यात्रा, शिक्षा, चिकित्सा खर्च, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के ब्याज और विदेशी अघोषित संपत्ति के स्वैच्छिक खुलासे से जुड़े प्रावधानों की भी जानकारी दी।
दूसरे वक्ता सी.ए. आशीष चितौड़ा ने कहा कि यह बजट विकसित भारत 2047 के विजन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर पूंजीगत व्यय बढ़ाया गया है तथा न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य 8 गीगावाट से बढ़ाकर 100 गीगावाट किया गया है। छात्रों के लिए पेड इंटर्नशिप के अवसर बढ़ाए गए हैं। युवाओं के लिए होटल, हॉस्पिटल और रक्षा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। किसानों के लिए भारत विस्तार नामक ए.आई. प्लेटफॉर्म की घोषणा भी की गई है।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि वाणिज्य विभाग विद्यार्थियों के अकादमिक हितों के लिए निरंतर सार्थक प्रयास करता रहा है।
इस परिचर्चा में एम.कॉम. अकाउंटिंग एंड फाइनेंस, पी.जी. डिप्लोमा इन जी.एस.टी. तथा पी.जी. डिप्लोमा इन इनकम टैक्स के विद्यार्थियों ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन रिसर्च स्कॉलर पल्लवी और पारूल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एम.कॉम. के छात्र अली हैदर ने किया।
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