रेलवे के ठेके में 32 लाख की डील | चीफ इंजीनियर, उसका भाई और ठेकेदार रंगे हाथ गिरफ्तार, CBI छापों से हड़कंप

बिलासपुर 

रेलवे (Railway) ठेकों में भ्रष्टाचार की गंदगी एक बार फिर उजागर हो गई है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर ज़ोन में पदस्थ चीफ इंजीनियर विशाल आनंद को शुक्रवार, 25 अप्रेल को 32 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया है। CBI ने इस केस में उनके भाई कुणाल आनंद, झाझरिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के मालिक सुशील झाझरिया और उसके सहयोगी मनोज पाठक को भी धर दबोचा है। यह कार्रवाई न सिर्फ़ चौंकाने वाली है, बल्कि रेलवे विभाग में छिपे भ्रष्ट तंत्र की एक और परत खोलती है।

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CBI की जांच में सामने आया है कि झाझरिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड को रेलवे में पुल, आरओबी, आरयूबी और ट्रैक लाइनिंग जैसे बड़े निर्माण कार्यों के ठेके देने में घूसखोरी की मोटी रकम ली जा रही थी। कंपनी के मालिक सुशील झाझरिया ने खुद कबूल किया कि मुख्य अभियंता से ‘डील’ के बाद 32 लाख की रकम तय हुई थी ताकि लंबित भुगतान और परियोजनाओं में उन्हें लाभ मिल सके।

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CBI ने रांची में रचा जाल, भाई को रंगेहाथ पकड़ा
रेलवे के चीफ इंजीनियर विशाल आनंद ने खुद घूस न लेते हुए अपने भाई कुणाल आनंद को मोहरा बनाया। आज  CBI ने सुनियोजित तरीके से रांची में जाल बिछाया और जैसे ही कुणाल ने कंपनी के प्रतिनिधियों से 32 लाख रुपये की रिश्वत ली, उसे धर दबोचा गया। उसके साथ मनोज पाठक और सुशील झाझरिया को भी तुरंत हिरासत में ले लिया गया।

ऑफिस में मचा हड़कंप
CBI की 8-10 अफसरों की टीम सुबह 9 बजे सीधे मुख्य अभियंता के दफ्तर में दाखिल हुई और दस्तावेजों की छानबीन शुरू कर दी। इसी दौरान रांची और बिलासपुर में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और नकदी बरामद की गई है।

करोड़ों के प्रोजेक्ट, करोड़ों की घूस
CBI सूत्रों का कहना है कि यह छापा झाझरिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड द्वारा पिछले कुछ वर्षों में रेलवे से मिले करोड़ों रुपये के ठेकों में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद डाला गया है। बिलासपुर के व्यापारिक हलकों में माने जाने वाले इस प्रतिष्ठित ठेकेदार के खिलाफ यह खुलासा चौंकाने वाला है।

कौन-कौन आया  गिरफ्त में?

  • विशाल आनंद – मुख्य अभियंता (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे)
  • कुणाल आनंद – अभियंता का भाई, जिसने रांची में रिश्वत ली
  • सुशील झाझरिया – ठेकेदार, झाझरिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड
  • मनोज पाठक – कंपनी का कर्मचारी, घूस देने में शामिल

इस कार्रवाई के बाद रेलवे विभाग और कॉन्ट्रैक्टर लॉबी में हड़कंप मचा हुआ है। CBI की टीम इस पूरे घोटाले से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड्स और बैंकिंग लेन-देन की गहन जांच में जुटी है। जल्द ही इस भ्रष्ट तंत्र के और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

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