कठूमर (Kathumar) में विनीत प्रकरण को लेकर धरना-प्रदर्शन, परिजनों ने पुलिस पर हत्या को आत्महत्या बताने का आरोप लगाया, जांच बदलने की मांग तेज।
कठूमर (विष्णु मित्तल )
बहुचर्चित विनीत प्रकरण को लेकर कस्बा कठूमर में माहौल पूरी तरह गरमा गया। मृतक विनीत के परिजन, समर्थक और भरतपुर जिले के सर्व समाज के लोगों ने एकजुट होकर सांकेतिक धरना दिया, फिर जुलूस निकाला। अंत में नुक्कड़ सभा कर उपखंड अधिकारी श्याम सुंदर चेतिवाल को मुख्यमंत्री और जिला पुलिस अधीक्षक के नाम हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन सौंपा गया। परिजनों का कहना था—’यह आत्महत्या नहीं, सीधी-सी हत्या है, जिसे दबाने की कोशिश हो रही है।’
मृतक के चाचा और पत्रकार मानसिंह सिनसिनवार ने आरोप लगाए कि उनका भतीजा विनीत, जो खेड़लीगंज में कैफे संचालित करता था, उसकी 30 जनवरी 2026 को संदिग्ध हालात में मौत हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले को आत्महत्या बताकर रफा-दफा करना चाहती है, जबकि सच्चाई इससे कहीं ज्यादा गंभीर है।
परिजनों के अनुसार, इस मामले को लेकर वे मुख्यमंत्री, गृह राज्य मंत्री और अलवर एसपी तक से मिल चुके हैं, लेकिन अब तक न्याय नहीं मिला। इसी कारण अब उन्होंने सड़क पर उतरकर आंदोलन का रास्ता चुना है।
सस्पेंशन खत्म, सीधी नई कुर्सी | हाईकोर्ट के एक फैसले से कई जजों की कुर्सियां हिलीं
सीएमओ में अंदरखाने बड़ा बंटवारा | किस अफसर को मिला ‘पावर पैक’ पोर्टफोलियो, कौन संभालेगा पूरा संभाग?
धरने के बाद हुई नुक्कड़ सभा में कई सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। वक्ताओं ने खेड़लीगंज थाना पुलिस के व्यवहार की कड़ी आलोचना करते हुए मामले की जांच किसी अन्य थाना प्रभारी या उच्च स्तर की एजेंसी से कराने की मांग उठाई।
सभा में पूर्व जिला परिषद सदस्य इन्द्रल सिंह जाट, कप्तान सिंह, अन्नू ठाकुर, गजेन्द्र सिंह रन्टा, हरेन्द्र सिंह, लोकेन्द्र फौजदार, मुरारीलाल सैनी समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, आंदोलन थमेगा नहीं।
सीनियरिटी का खेल अब खत्म | रेलवे बोर्ड का नया फॉर्मूला लागू, प्रमोशन का पूरा गणित बदला
आंदोलन को और धार देने के लिए 11 सदस्यीय कोर कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर जांच किसी अन्य अधिकारी को नहीं सौंपी गई, तो मुख्यमंत्री और एसपी के नाम पोस्टकार्ड अभियान शुरू किया जाएगा और आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
इस प्रदर्शन में अलवर और भरतपुर के दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग शामिल हुए। खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भागीदारी निभाई, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिली।
उपखंड अधिकारी श्याम सुंदर चेतिवाल ने ज्ञापन लेने के बाद पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि मामले की जांच अन्य अनुसंधान अधिकारी से कराने और हरसंभव मदद करने का प्रयास किया जाएगा। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस चेतावनी के बाद क्या कदम उठाता है।
नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
रेल पटरियों पर अब ‘स्मार्ट पहरा’ | हल्के कॉम्पोजिट स्लीपर और AI निगरानी से बदलेगा ट्रेन सफर
तीन-तीन जन्मतिथि, तीन बार 10वीं… दस्तावेज़ों की जांच में फंसा ‘मोनू’ | कोर्ट के आदेश पर FIR
ट्रांसफर की आहट से शिक्षक जगत में हलचल | शिक्षा मंत्री बोले—अब सेकंड ग्रेड टीचर्स की बारी
‘नई हवा’ की खबरों को Subscribe करने के लिए हमारे WhatsApp Channel से जुड़ें।
