राजस्थान कैबिनेट ने किए बड़े फैसले: स्क्रैपिंग से AI तक, नीति में दिखा नया रोडमैप | पर्यावरण, टेक्नोलॉजी और निवेश पर फोकस, कर्मचारियों से जुड़े ये हुए अहम फैसले | डिटेल में जानिए कैबिनेट मीटिंग में और क्या हुआ

राजस्थान कैबिनेट (Rajasthan Cabinet) बैठक में वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025, AI-ML पॉलिसी-2026, ग्रीन क्रेडिट वाउचर योजना और कर्मचारी कल्याण से जुड़े बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई।

जयपुर 

सरकार अब नीतियां सिर्फ फाइलों में नहीं, जमीन पर असर के हिसाब से गढ़ रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई मंत्रिमंडल बैठक में ऐसे फैसलों पर मुहर लगी, जिनका सीधा मतलब है—पुराने और प्रदूषण फैलाते वाहन सड़क से बाहर होंगे, नई तकनीक शासन और शिक्षा का हिस्सा बनेगी, और हरित निवेश करने वालों को आर्थिक फायदा मिलेगा। कैबिनेट के इन फैसलों ने साफ कर दिया है कि राजस्थान का फोकस अब ग्रीन ग्रोथ + टेक्नोलॉजी ड्रिवन गवर्नेन्स पर है।

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मंत्रिमंडल ने राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति–2025 को मंजूरी देकर यह तय कर दिया है कि अब सड़कों पर चलने लायक न रहे वाहन न तो कबाड़ बनकर इधर-उधर घूमेंगे और न ही प्रदूषण बढ़ाएंगे। ऐसे वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटरों में वैज्ञानिक और पर्यावरणीय मानकों के अनुसार नष्ट किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया डिजिटल और ट्रेस करने योग्य होगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

पुराना वाहन स्क्रैप कराने वालों के लिए राहत की खबर यह है कि नया वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। यह छूट अधिकतम एक लाख रुपये तक होगी। स्क्रैपिंग के बाद वाहन मालिक को आधिकारिक प्रमाण पत्र मिलेगा, जो पोर्टल पर भी दर्ज होगा।

स्क्रैपिंग नीति का दूसरा बड़ा असर सर्कुलर इकॉनॉमी पर पड़ेगा। स्टील, एल्युमिनियम, प्लास्टिक और रबर जैसे संसाधन दोबारा उद्योगों के काम आएंगे, जिससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सस्ता कच्चा माल मिलेगा और आयात पर निर्भरता घटेगी।

AI और ML पर सरकार का बड़ा दांव

कैबिनेट ने राजस्थान AI-ML पॉलिसी–2026 को भी मंजूरी दे दी है। सरकार का साफ मकसद है—आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग तेज़, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के लिए किया जाए, लेकिन बिना डेटा सुरक्षा और नैतिकता से समझौता किए।

इस नीति के तहत सरकारी विभागों में AI के इस्तेमाल के लिए नोडल अधिकारी होंगे, डेटा सुरक्षा और साइबर जोखिमों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और प्रदेश में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों, ITI और पॉलिटेक्निक संस्थानों में AI शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।

ग्रीन निवेश को मिलेगा सीधा फायदा

पर्यावरण संरक्षण को आर्थिक प्रोत्साहन से जोड़ते हुए मंत्रिमंडल ने ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव–2025 को भी मंजूरी दी है। इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने वालों को ट्रेडेबल ग्रीन वाउचर दिए जाएंगे। बड़े निवेश पर यह लाभ करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है।

रिफाइनरी, कर्मचारी हित और सुरक्षा से जुड़े फैसले भी

कैबिनेट बैठक में पचपदरा रिफाइनरी परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी दी गई, वहीं स्पेशल सिक्योरिटी विंग के कार्मिकों का विशेष भत्ता बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का फैसला भी हुआ। इसके साथ ही विधानसभा सचिवालय और राजस्व लेखा सेवा से जुड़े नियमों में संशोधन को भी हरी झंडी दी गई।

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