सदैव संघर्ष की भाषा रही है हिंदी

आजादी के अमृत महोत्सव पर्व पर एक ओर भारत में स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों के त्याग और बलिदान को याद किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इन क्रांतिकारी और सेनानियों

हिन्दी दिवसः दर्पण देखिए, आइने में निहारिए

जी हाँ, दर्पण देखिए, आइने में निहारिये, मिरर में झांकिए। इंसपैक्शन, निरीक्षण या आडिट दर्पण दिखाने का ही कार्य करता है। वार्षिक सम्मेलन, संगोष्ठी कार्यशाला,

अभिनव आदर्श…

यथार्थ की छैनी
सपनों को काटती है,

वायु सम युवा…

आज के युवा, शीघ्र शीर्ष पर चढ़ जाते, किन्तु वक़्त के थपेड़े

ये औरतें भी लाजवाब होती हैं…

ये औरतें भी लाजवाब होती हैं…

अस्तित्व की तलाश में…

अस्तित्व की तलाश में,
हर रोज बनती रही, मिटती रही।

न्याय – कर्म की धार धरो…

न्याय – कर्म की धार धरो…

खोलो द्वार…

सोच संकुचित इस जगत की, कैसे करें उम्मीद समता की

चलो, आज कुछ अच्छा करते हैं…

चलो,आज कुछ अच्छा करते हैं। कष्टों से रोती दुनिया में…

ब्रज साहित्यकारों ने उठाई उत्तर प्रदेश में ब्रजभाषा अकादमी की मांग

ब्रज साहित्य परिषद न्यास, परासौली, गोवर्धन द्वारा आनंदवन कॉलोनी मथुरा में ब्रजभाषा के वरिष्ठ साहित्यकारों की एक बैठक में ब्रज भाषा एवं ब्रज साहित्य के उन्नयन एवं परिवर्धन पर