नई दिल्ली
देश के करोड़ों बैंक ग्राहकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), केनरा बैंक और इंडियन बैंक जैसे चार बड़े सरकारी बैंकों ने बचत खातों पर लागू एवरेज मंथली बैलेंस (AMB) की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है।
इस फैसले का मतलब है कि अब इन बैंकों के ग्राहक अपने सेविंग्स अकाउंट में न्यूनतम राशि बनाए रखने के लिए बाध्य नहीं होंगे, और खाते में बैलेंस कम होने पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा।
क्या है AMB नियम?
अब तक AMB नियम के तहत बैंक ग्राहक को अपने खाते में हर महीने एक निश्चित औसत बैलेंस बनाए रखना होता था। जैसे कई निजी बैंकों में यह सीमा ₹10,000 तक होती है। अगर खाताधारक इस बैलेंस से नीचे चला जाता है, तो उस पर पेनल्टी लगाई जाती थी। लेकिन अब सरकारी बैंकों के इस फैसले से यह झंझट खत्म हो गया है।
बैंक दर बैंक अपडेट
- इंडियन बैंक ने स्पष्ट किया है कि 7 जुलाई से सभी प्रकार के सेविंग्स अकाउंट्स पर AMB की अनिवार्यता पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी।
- भारतीय स्टेट बैंक पहले ही अपने सभी ग्राहकों को इस नियम से मुक्त कर चुका है।
- पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक ने भी क्रमशः हाल ही में और मई में यह शर्त हटा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से बैंकिंग सिस्टम में सहजता और समावेशिता बढ़ेगी। खासकर ग्रामीण व सीमित आय वाले खाताधारकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा, जिन्हें अब केवल बैलेंस की चिंता में खाता बंद करने या निष्क्रिय रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अब माना जा रहा है कि अन्य बैंक भी इसी दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं, जिससे बचत खाताधारकों को और राहत मिल सकती है।
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