केंद्र सरकार छोटे बच्चों के लिए कफ सिरप पर सख्ती की तैयारी में है। NFI 2026 ड्राफ्ट में 2 साल से कम उम्र में पूरी रोक और 5 साल तक सीमित उपयोग का प्रस्ताव।
नई दिल्ली
देश में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी है। Ministry of Health and Family Welfare अब छोटे बच्चों को दी जाने वाली कफ सिरप (खांसी की दवाओं) के उपयोग पर सख्ती करने पर विचार कर रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार दो साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कफ सिरप पर पूरी तरह रोक लगाने और पांच साल से कम उम्र के बच्चों में इसके इस्तेमाल को सीमित करने की योजना बना रही है।
NFI 2026 ड्राफ्ट में साफ सिफारिश
यह प्रस्ताव Indian Pharmacopoeia Commission द्वारा जारी ‘नेशनल फॉर्मुलरी ऑफ इंडिया (NFI) 2026’ के ड्राफ्ट में शामिल किया गया है।
ड्राफ्ट में स्पष्ट कहा गया है—
- 2 साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी-जुकाम की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए
- 5 साल से कम उम्र में इनका उपयोग केवल डॉक्टर की कड़ी निगरानी में हो
जहरीले केमिकल्स से हुई मौतों के बाद एक्शन
यह सख्ती का प्रस्ताव पिछले साल सामने आए उन मामलों के बाद आया है, जहां कफ सिरप में खतरनाक रसायन पाए गए थे। इन दवाओं में डाइएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) और एथिलीन ग्लाइकोल (EG) जैसे जहरीले तत्व मिले थे, जिनसे कई मौतें हुई थीं।
दवा कंपनियों के लिए नए नियम
अब आयोग ने दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की गुणवत्ता को लेकर नए मानक तय किए हैं—
- केवल उच्च गुणवत्ता (फार्माकोपियल ग्रेड) पदार्थों का उपयोग अनिवार्य होगा
- हर बैच की सख्त जांच सुनिश्चित करनी होगी
विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चों में कफ सिरप का फायदा बहुत सीमित होता है, जबकि इसके जोखिम ज्यादा होते हैं। खांसी को शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा प्रक्रिया बताते हुए उन्होंने कहा कि इलाज में इसके कारण पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
अभी अंतिम फैसला बाकी
हालांकि, इस पूरे प्रस्ताव पर अभी तक स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक अंतिम घोषणा नहीं की गई है।
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