कोलकाता
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने SBI बैंक से धोखाधड़ी के एक मामले में कोलकाता की एक कंपनी की 42 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की संपत्ति कुर्क कर ली है। इस कम्पनी ने SBI से 164 करोड़ का कर्ज लिया था जो विभिन्न प्रविष्टियों द्वारा बैंक खातों में घुमाने के बाद दूसरी जगह भेज दिया गया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि एक कथित बैंक धोखाधड़ी मामले से जुड़े धन शोधन की जांच के सिलसिले में कोलकाता की एक कंपनी की 42 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की संपत्ति कुर्क की गई है। श्री महालक्ष्मी कारपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड की 11 संपत्तियों को कुर्क करने का एक अस्थाई आदेश धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जारी किया गया था।
ईडी के मुताबिक इन संपत्तियों की कुल कीमत 42.36 करोड़ रुपए है। एजेंसी ने कहा कि जांच में पाया गया कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI ) से लिया गया 164 करोड़ रुपए का ऋण विभिन्न प्रविष्टियों द्वारा बैंक खातों में घुमाने के बाद दूसरी जगह भेज दिया गया और उन्हें वास्तविक कारोबारी लेनदेन बताया गया। धन शोधन का यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) की 2017 की एक प्राथमिकी और 2019 में दाखिल आरोपपत्र पर आधारित है।
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