केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि को भारत का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया है। वे जनरल अनिल चौहान की जगह लेंगे। इसके साथ ही सरकार ने वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को नौसेना प्रमुख नियुक्त किया है। वर्तमान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी 31 मई 2026 को सेवा से सेवानिवृत्त होंगे।
नई दिल्ली
भारत की सैन्य रणनीति और रक्षा ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने Lieutenant General N. S. Raja Subramani को देश का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। वे मौजूदा सीडीएस General Anil Chauhan की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 मई 2026 को समाप्त हो रहा है।
देश की तीनों सेनाओं—थल सेना, नौसेना और वायु सेना—के बीच तालमेल और संयुक्त सैन्य रणनीति तैयार करने वाले इस सर्वोच्च पद पर नियुक्ति को रक्षा क्षेत्र में बेहद अहम माना जा रहा है। नई जिम्मेदारी के साथ लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि सैन्य मामलों के विभाग (DMA) के सचिव की भूमिका भी निभाएंगे।
दिसंबर 1985 में Garhwal Rifles में कमीशन प्राप्त करने वाले जनरल सुब्रमणि करीब 39 वर्षों तक सेना में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। वे सेना के उप-प्रमुख (VCOAS) रहने के साथ लखनऊ स्थित मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रह चुके हैं। पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर उनका लंबा अनुभव मौजूदा सुरक्षा हालात में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीडीएस नियुक्त होने से पहले वे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका रिकॉर्ड मजबूत रहा है। उन्होंने King’s College London से मास्टर ऑफ आर्ट्स और University of Madras से रक्षा अध्ययन में एम.फिल की डिग्री हासिल की है। वे National Defence Academy और Indian Military Academy के पूर्व छात्र भी रहे हैं।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM), अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM), सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक (VSM) जैसे सम्मान मिल चुके हैं।
नए सीडीएस के तौर पर उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती सरकार की महत्वाकांक्षी “थिएटर कमांड” योजना को लागू करना होगी, जिसके तहत तीनों सेनाओं को एकीकृत कमांड सिस्टम में लाया जाएगा ताकि युद्ध जैसी स्थिति में संयुक्त और तेज कार्रवाई की जा सके।
इसके साथ ही रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, स्वदेशी हथियारों की खरीद और आधुनिक सैन्य ढांचे को मजबूत करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
इसी बीच नौसेना में भी नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है, जहां Vice Admiral Krishna Swaminathan 31 मई से नए नौसेना प्रमुख का पद संभालेंगे।
वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने 31 जुलाई 2025 को पश्चिमी नौसेना कमान के 34वें फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार ग्रहण किया था। फ्लैग ऑफिसर को 01 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त हुआ था तथा वे संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली के विशेषज्ञ हैं। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला; यूनाइटेड किंगडम स्थित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, श्रिवेनहम; करंजा स्थित कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर; तथा संयुक्त राज्य अमेरिका के रोड आइलैंड स्थित न्यूपोर्ट नेवल वॉर कॉलेज के पूर्व छात्र हैं।
परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक तथा विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित एडमिरल ने अपने नौसैनिक करियर में अनेक महत्वपूर्ण परिचालन, स्टाफ तथा प्रशिक्षण संबंधी दायित्वों का निर्वहन किया है। इनमें मिसाइल पोत आईएनएस विद्युत और आईएनएस विनाश; मिसाइल कॉर्वेट आईएनएस कुलिश; निर्देशित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मैसूर; तथा विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य की कमान शामिल है।
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