खेलते-खेलते मलबे में दब गए दो मासूम | मजदूरी पर गए मां-बाप, घर लौटे तो 4 और 5 साल के बच्चों की सिर्फ लाशें मिलीं

राजस्थान (Rajasthan) के डीग (Deeg) जिले के लेवड़ा गांव में कच्ची रसोई गिरने से 4 और 5 साल के भाई-बहन की मौत। माता-पिता मजदूरी पर थे, गांव में पसरा मातम।

डीग 

राजस्थान के डीग जिला से शुक्रवार को ऐसा मंजर सामने आया, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। कामवन थाना क्षेत्र के गांव लेवड़ा में एक कच्चे घर की मिट्टी की रसोई अचानक भरभराकर गिर गई और कुछ ही सेकंड में दो मासूम जिंदगी मलबे में दब गईं। घर में उस वक्त कोई बड़ा मौजूद नहीं था। माता-पिता रोज की तरह मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे। घर पर सिर्फ उनके तीन बच्चे थे—4 साल का बेटा, 5 साल की बेटी और 1.5 साल की सबसे छोटी बच्ची, जो उस दिन माता-पिता के साथ मजदूरी पर चली गई थी।

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घर के भीतर 4 और 5 साल के दोनों मासूम भाई-बहन खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक कच्ची रसोई का हिस्सा ढह गया। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला—दोनों बच्चे सीधे मलबे के नीचे दब गए।

चीख-पुकार ने गांव को हिला दिया। आसपास के लोग दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। किसी ने परिजनों को खबर दी, तो किसी ने पुलिस को। ग्रामीणों ने बिना देर किए मलबा हटाना शुरू किया और दोनों बच्चों को बाहर निकाला।

उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
कुछ ही मिनटों का हादसा, और एक ही झटके में परिवार के दो चिराग बुझ गए।

घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है—जिन्होंने सुबह बच्चों को घर में खेलता छोड़कर काम पर कदम रखा था, उन्हें क्या पता था कि लौटते वक्त घर सन्नाटे में डूबा मिलेगा।

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सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई कच्चे मकान जर्जर हालत में हैं, और यही लापरवाही इस दर्दनाक हादसे की वजह बनी।
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है—क्या मजबूरी में बने कच्चे घर अब लोगों की जान के लिए खतरा बनते जा रहे हैं?

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