एक महीने से हत्यारे आज़ाद, शहर सड़कों पर | नदबई में उफन पड़ा गुस्सा, पत्नी की चीख—‘न्याय दो’, बाजार-स्कूल सब बंद

भरतपुर (Bharatpur) के नदबई (Nadbai) में सर्राफा व्यापारी योगेंद्र चोपड़ा हत्याकांड को लेकर जबरदस्त विरोध, बाजार बंद, हजारों लोगों का धरना और पत्नी की न्याय की गुहार।

नदबई (भरतपुर)

राजस्थान के नदबई कस्बे में शुक्रवार को गुस्सा सड़कों पर उतर आया। 25 मार्च को सर्राफा व्यवसायी योगेंद्र चोपड़ा की निर्मम हत्या और लूट के मामले में एक महीना बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ खाली रहने से लोगों का धैर्य टूट गया।

सुबह से ही पूरा कस्बा थम गया। मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा—दुकानों के शटर नीचे थे, सड़कों पर चहल-पहल की जगह खामोशी थी। व्यापार महासंघ के आह्वान पर व्यापारियों ने स्वेच्छा से बंद रखा। सिर्फ बाजार ही नहीं, बल्कि कृषि उपज मंडी और निजी शिक्षण संस्थान भी विरोध में बंद रहे।

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दोपहर होते-होते यह खामोशी आक्रोश में बदल गई। कस्बे के प्रमुख मार्गों से एक विशाल आक्रोश रैली निकली, जिसमें हजारों की संख्या में सर्वसमाज के लोग शामिल हुए। पुलिस प्रशासन के खिलाफ गूंजते नारों के बीच रैली तहसील परिसर पहुंची और वहां एक बड़े धरने में बदल गई।

धरने के बीच सबसे भावुक पल तब आया, जब मृतक योगेंद्र चोपड़ा की पत्नी शालू चोपड़ा अपने परिजनों के साथ जमीन पर बैठ गईं। आंखों में आंसू, आवाज में दर्द—वो सिर्फ एक ही मांग कर रही थीं, “हमें न्याय चाहिए।” उनके साथ बैठी महिलाओं और नागरिकों के चेहरों पर गुस्सा और बेबसी साफ दिख रही थी।

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प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी सचिन यादव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें साफ मांगें रखी गईं—

  • पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा
  • परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी
  • मृतक के बेटे को NEET में प्रवेश और पढ़ाई के लिए सरकारी सहयोग
  • हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा

धरना स्थल पर वक्ताओं ने दो टूक कहा—घटना को 30 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने व्यापारियों में गहरा डर पैदा कर दिया है।

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लोगों का साफ कहना है—जब तक ठोस कार्रवाई और लिखित आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन नहीं रुकेगा। तहसील परिसर के बाहर भारी पुलिस जाब्ता तैनात है, लेकिन भीड़ पीछे हटने को तैयार नहीं।

प्रदर्शन के बाद तहसीलदार कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। पूरे कस्बे से लोग इसमें शामिल हो रहे हैं।

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