नई दिल्ली
देश के जाने माने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पर सुप्रीम कोर्ट ने 20 हज़ार रुपए का हर्जाना लगाया है। यह हर्जाना समाजवादी पार्टी नेता आज़म खान के बेटे अब्दुल्ला से जुड़े मामले में पेश न होने के लिए लगाया गया है। हालांकि, कोर्ट ने कहा है कि यह रकम सिब्बल चुकाएंगे या अब्दुल्ला के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड, यह उन्हें तय करना है। इससे पहले 16 सितंबर को कोर्ट ने वकीलों के पेश न होने के चलते अब्दुल्ला की अपील खारिज कर दी थी। अब इस हर्जाने के साथ अपील को दोबारा बहाल कर दिया गया है।
यह था मामला
अब्दुल्ला ने यूपी की स्वार विधानसभा सीट से अपना निर्वाचन रद्द करने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने 25 साल से कम उम्र में चुनाव लड़ने के चलते अब्दुल्ला का निर्वाचन रद्द किया था। उम्र से जुड़े दस्तावेजों की हेरा-फेरी के मामले में अब्दुल्ला फिलहाल जेल में हैं। 16 सितंबर को जस्टिस ए एम खानविलकर की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने अब्दुल्ला की अपील को अंतिम सुनवाई के लिए लगाया था। जज काफी देर तक प्रतीक्षा करते रहे। न तो अपीलकर्ता की तरफ से पहले जिरह कर चुके कपिल सिब्बल पेश हुए, न ही कोई और वकील। इसके बाद जजों ने अपील खारिज कर दी।
किसी अन्य कोर्ट में व्यस्त थे कपिल सिब्बल
इसके बाद सिब्बल ने जजों से अपील को बहाल करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि 16 सितंबर को वह किसी अन्य कोर्ट में व्यस्त थे। उन्होंने एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड कमल मोहन गुप्ता से कहा था कि वह जजों को इसकी सूचना दें और सुनवाई टालने के आग्रह करें। इस पर जजों ने कहा कि उस दिन किसी ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। मामला सुनवाई की सूची में सबसे पहले रखा गया था। वह 11.30 बजे तक इंतजार करते रहे। न्यायालय का समय इस तरह बर्बाद करने को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बेंच ने कहा समय बर्बाद करने पर जुर्माना लगाएंगे, सिब्बल बोले वह चुकाने को तैयार
सिब्बल के दोबारा अनुरोध पर जस्टिस खानविलकर ने कहा कि बेंच अपना समय बर्बाद करने के लिए 20 हज़ार रुपए का हर्जाना लगाएगी। वरिष्ठ वकील ने कहा कि वह इसे चुकाने को तैयार हैं। जज ने कहा कि यह आपको तय करना है कि यह रकम आप चुकाएंगे या दूसरे वकील। सिब्बल ने कहा कि वह इस मुकदमे को निःशुल्क लड़ रहे हैं। इसलिए, यह रकम उन्हें अपनी जेब से देनी होगी। इस पर जज ने कहा कि यह रकम विधिक सहायता कमिटी में जाएगी। वहां ज़रूरतमंदों को निःशुल्क कानूनी सहायता ही दी जाती है।
क्या आपने ये खबरें भी पढ़ीं?
- सरकारी बैंक अधिकारियों को बड़ा झटका या राहत? PLI स्कीम पर सरकार ने लगाई रोक | 19 नवंबर 2024 की व्यवस्था अब ठंडे बस्ते में, नए फॉर्मूले पर यूनियनों से होगी बातचीत
- दौसा में हरियाली का संदेश, मंदिर परिसर से महिला थाने तक रोपे पौधे
- छह महीने की शादी… फिर पत्नी के शव के साथ ऐसी हैवानियत, पढ़कर कांप उठेगा कलेजा | फ्रिज में रखे थे शरीर के टुकड़े, उसी कमरे में खाना खाता रहा पति; बदबू ने खोला खौफनाक राज
- बाजार जाने निकली थीं सात महिलाएं, अचानक सिर पर आ गिरा मौत का मलबा | भरतपुर में दीवार ढहने से एक की मौत, 6 घायल; CM भजनलाल अस्पताल पहुंचे
- पहली बार वोट डालने वालों के लिए खास पहल, EVM की समझ के साथ युवाओं ने जाना एक वोट का मतलब | प्रश्न प्रतियोगिता आयोजित
- 35 साल पूरे, अब लोक मंथन के जरिए सांस्कृतिक विरासत को जगाने की तैयारी | भरतपुर में अधिवक्ता परिषद के स्थापना दिवस पर 27 सितंबर की रथ यात्रा का ऐलान
- वैर नगरपालिका चुनाव में 134 प्रत्याशियों की एंट्री, मुकाबला हुआ त्रिकोणीय | निर्दलीयों की बढ़ी ताकत, अब वार्डों के वोटर तय करेंगे किसकी बनेगी सरकार
- 11 महीने बाद राजस्थान हाईकोर्ट को मिला नियमित चीफ जस्टिस | शपथ लेते ही जोधपुर रवाना हुए संजय के. अग्रवाल, सादगी भी चर्चा में
- पुलिस की धमकी देकर 70 लाख हड़पने की तैयारी, तभी PNB ने पकड़ लिया खेल | 78 साल के बुजुर्ग को ऐसे बनाया था डिजिटल अरेस्ट का शिकार
- जोधपुर में कांग्रेस का बड़ा ‘एक्शन’, 25 बागियों पर चला अनुशासन का डंडा | चुनाव से पहले 6 साल के लिए पार्टी से बाहर, पद-दायित्व भी खत्म
