भरतपुर
भरतपुर में खाद की किल्ल्त के चलते किसानों में मारामारी मची है। इसी मारा-मारी के बीच मंगलवार को किसानों को जैसे ही पता चला कि भरतपुर की सरसों मंडी में खाद मिल रही है तो सुबह तड़के से ही वहां भीड़ जमा हो गई और पहले पाने के चक्कर में मारामारी मच गई।
इसी दौरान दो लोगों में तो लात-घूंसे और थप्पड़बाजी हो गई। इससे मौके पर भगदड़ मच गई। इस दौरान कई महिलाएं तो जमीन पर गिर गईं। झगड़े की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को धारा 151 के तहत शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
किसानों का कहना है कि किसान मानसून के बाद अब खाद के लिए भटक रहे हैं। पूरे जिले में इसकी किल्ल्त बनी हुई है। कई जगह ब्लैक में खाद बिक रहा है। किसानों को पड़ौसी राज्य उत्तर प्रदेश जाना पड़ रहा। फिर भी उन्हें खाद नहीं मिल रहा है। दूसरे प्रदेश के होने का हवाला देकर खाली हाथ लौटा दिया जा रहा है।
किसानों ने बताया कि उनकी फसल खराब हो रही है। अगर उन्हें खाद नहीं मिली तो उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी। उनका कहना है कि उनके जीवन का यही एक आधार है।
30 हजार मीट्रिक टन उर्वरक की जरूरत
कृषि विभाग के अनुसार भरतपुर जिले में इस वर्ष करीब 3.65 लाख हेक्टेयर भूमि में रबी फसल की बुवाई होनी है। इसके लिए औसतन करीब 30 हजार मैट्रिक टन डीएपी की आवश्यकता है। बीते 3 महीने में जरूरत से काफी कम उर्वरक किसानों को उपलब्ध हो पाया है। जिले के किसानों को अगस्त में 4000 मीट्रिक टन, सितंबर में 6500 मीट्रिक टन उर्वरक बेची गई थी। जबकि अक्टूबर माह में अब तक सिर्फ 2500 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है।
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