हिमाचल निर्वाचन आयोग (Himachal Election Commission) ने 51 शहरी निकायों में चुनाव करवाने का एलान किया है। 17 मई को मतदान होगा और 31 मई को नगर निगम की मतगणना होगी।
शिमला
हिमाचल प्रदेश में राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा चुनावी कार्यक्रम घोषित कर दिया है। 51 शहरी निकायों में मतदान कराया जाएगा, जिसमें नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत शामिल हैं। इस फैसले के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
इन चुनावों में सोलन, धर्मशाला, पालमपुर और मंडी नगर निगम शामिल हैं। इसके अलावा 25 नगर परिषद और 22 नगर पंचायतों में भी मतदान होगा। कुल मिलाकर 1806 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग सहायक मतदान केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
मतदान और मतगणना का पूरा कार्यक्रम
मतदान 17 मई को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा। नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनावों की मतगणना उसी दिन कर दी जाएगी, जबकि नगर निगम की मतगणना 31 मई को होगी।
नामांकन और प्रक्रिया की तारीखें
- अधिसूचना 21 अप्रैल को जारी
- नामांकन 29 अप्रैल, 30 अप्रैल और 2 मई को
- मतदान केंद्रों की सूची 29 अप्रैल तक जारी
- नाम वापसी की अंतिम तिथि 6 मई (दोपहर 3 बजे तक)
मतदाता और पहचान व्यवस्था
इस चुनाव में कुल 1,80,963 पुरुष और 1,79,882 महिला मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इसके अलावा 1808 मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। मतदाता 16 प्रकार के पहचान पत्रों का उपयोग कर सकेंगे।
खर्च सीमा और आचार संहिता
नगर निगम उम्मीदवारों के लिए खर्च सीमा 1 लाख रुपये, नगर परिषद के लिए 75 हजार रुपये और नगर पंचायत प्रत्याशियों के लिए 50 हजार रुपये तय की गई है। चुनाव कार्यक्रम के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है और इसके उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
शराब बिक्री और प्रतिबंध
मतदान से 48 घंटे पहले शराब के ठेके बंद रहेंगे और मतगणना के दिन भी शराब बिक्री पर रोक रहेगी।
पंचायत चुनाव की तैयारी
हिमाचल की 3758 पंचायतों में भी प्रधान, उपप्रधान, वार्ड पंच, जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों के लिए मतदान कराया जाएगा। पंचायत चुनाव का ऐलान भी एक सप्ताह के भीतर किए जाने की बात कही गई है।
74 शहरी निकायों की स्थिति
राज्य में कुल 74 शहरी निकाय हैं, जिनमें से 51 में इस बार चुनाव होंगे। शिमला नगर निगम का कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ है, जबकि कुछ निकायों में आरक्षण रोस्टर जारी नहीं होने और हाल ही में गठन होने के कारण चुनाव अभी नहीं हो रहे हैं। इन निकायों में चुनाव बाद में कराए जाएंगे।
निर्वाचन आयोग का बयान
राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने पत्रकार वार्ता में स्पष्ट किया कि सरकार और आयोग के बीच किसी प्रकार का टकराव नहीं है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव भी 31 मई से पहले कराए जाएंगे, इसलिए नगर निगम की मतगणना उसी तारीख पर रखी गई है।
प्रशासनिक तैयारी
चुनाव प्रक्रिया के लिए करीब 50 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। आयोग ने उनके भत्तों में भी बढ़ोतरी की है ताकि चुनाव निष्पक्ष और सुचारू तरीके से संपन्न हो सके।
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