कीर्ति, काव्य और ऐश्वर्य की श्रेष्ठता उसके सर्वहिताय एवं मांगलिक प्रयोजन में निहित है। रचनाकार का दृष्टिकोण सर्वभूतहिते होने पर ही उसकी सार्थकता होती है। हिन्दी साहित्य के मर्मज्ञ विद्वान
Category: साहित्य
डा. सत्यदेव आज़ाद की पुस्तक ‘वाक – कला’ का विमोचन
बृज कला केंद्र मथुरा के बृजधाम में आयोजित डॉ.सत्यदेव आजाद द्वारा रचित ‘वाक कला’ के विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली से आए केंद्रीय हिंदी परामर्शदात्री के
मां
ईश्वर की सर्वोच्च अनुपम कृति है माँ
इस धरा पर स्वयं ईश्वर का प्रतिरूप है माँ
ब्रह्मा द्वारा रचित सृष्टि की रचना का सार है माँ
अद्भुत ग्रन्थ ‘राघवयादवीयम्’ उल्टा पढ़ें तो कृष्णकथा और सीधे पढ़ें तो रामकथा
‘नई हवा’ के इस अंक में आज हम बता रहे हैं दक्षिण भारत के ऐसे प्राचीन अद्भुत और अनूठे संस्कृत ग्रन्थ के बारे में जिसे यदि सीधा पढ़ा जाए तो राम कथा पढ़ी जाए और जब
