साहिल की तलाश…

कभी फूल सा हल्का दिल भी,
पत्थर सा भारी होता है,
मनचाहे और अनचाहे में,

अमृत की पुड़िया जैसा है…

प्रेम पूजा शरणागति सा है
यह बुद्धि विवेक सुमति सा है,

राजस्थान साहित्य प्रोत्साहन पुरस्कार की होगी शुरुआत, मिलेंगे 11-11 लाख, प्रशस्ति पत्र एवं शॉल

राज्य सरकार साहित्यकारों को राजस्थान साहित्य प्रोत्साहन पुरस्कार से सुशोभित करेगी। प्रोत्साहन में कन्हैया लाल सेठिया, कोमल कोठारी, डॉ. सीताराम लालस एवं

कोई तो है…

जब कंधे पर हाथ रख,
कोई हौले से कहता है
… मैं हूं ना,

कोई तो है…

जब कंधे पर हाथ रख,
कोई हौले से कहता है
… मैं हूं ना,

चीख रही थी अबला जर जर…

वो मार रहा था चाकू पत्थर,
चीख रही थी अबला जर जर l
मानवता शर्मसार खड़ी थी,

किताब ही है जिंदगी…

जिंदगी एक किताब ही तो है,
हर दिन एक पृष्ठ है,
जिस पर

कटे वृक्ष सिमटते पर्वत…

कटे वृक्ष सिमटते पर्वत, पीड़ा देने वाले हैं
एक दिन जब सब मिट जांयेंगे, पड़ें जान के लाले है।

भूख कौ डर…

आज जा बिचार ते
किसना कौ मन
कांटे के तारन में
जकरों परयौ है

राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी ने रचनाकारों से मांगी प्रविष्टियां, जुलाई में किया जाएगा विजेताओं का सम्मान

राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी द्वारा साहित्य सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत राजस्थान के ब्रजभाषा रचनाकारों से 6 विधाओं में प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं। इनमें से चयनित रचनाकारों को