यात्रा…

जीवन में यायावारी कितना सिखाती है।
यात्रा भी, ज्ञान का सागर दिखाती है,

यात्रा…

जीवन में यायावारी कितना सिखाती है।
यात्रा भी, ज्ञान का सागर दिखाती है,

हीरे सी चमकती किस्मत है मेरी…

एक नहीं वरन् दो माँ हैं मेरी
हीरे सी चमकती किस्मत है मेरी

हीरे सी चमकती किस्मत है मेरी…

एक नहीं वरन् दो माँ हैं मेरी
हीरे सी चमकती किस्मत है मेरी

मंद-मंद क्यों मुस्काते हो…

मंद-मंद क्यों मुस्काते हो
हंसने में क्यों शर्माते हो,
खुल के हंस लो आज प्यारे

जीवन और प्रेम…

प्रेम नीर से ही बढ़ता है,
जीवन का यह पौधा।
जीवन के अपने अनुभव से

खेल तो आखिर यही चलता है…

गरमी
जब
करने लगती है
भारी जुल्म

ओ! मलिन जमुना जल…

बहौ
ओ! मलिन जल
जमुना बहौ
जे तन वृंदावन अरु

यादें…

यादें बहुत खुबसूरत होती हैं
न लड़ती हैं न झगड़ती हैं

हनुमान जन्मोत्सव हुई ऑनलाइन काव्य गोष्ठी | ‘कवि संसार साहित्य मंच’ का आयोजन

हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर ‘कवि संसार साहित्य’ मंच के तत्वावधान में राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। काव्य गोष्ठी में