ओस की बिंदिया सजाकर…

जब अघाने छेड़ते हैं, बात मेरे गांव की।
हृदय के गहराव में इक, धूल के ठहराव की।

दरपन मन टूक टूक हो गया…

कुहरे की छाँव घनी हो गई
पुरबइया नाग फनी हो गई
दरपन मन टूक टूक हो गया

लॉ के प्रोफ़ेसर साहब ने स्टूडेंट्स को ऐसे सिखाया सबब 

लाॅ की क्लास में लेक्चरर ने एक छात्र को खड़ा करके उसका नाम पूछा और बिना किसी वजह के उसे क्लास से निकल जाने का कह दिया। छात्र ने कारण जानने और

मैं अक्षर तुम मात्रा…

मैं अक्षर हूं एक तुम्हारा, तुम मेरी मात्रा हो।
मैं कदमों सा एक बटोही, तुम जैसे यात्रा हो।।

राघव आ जाओ तुम दुबारा, आज भी याद तुम्हारी आती है | डा.रांगेय राघव जयंती

उत्तरप्रदेश एवं ब्रज अंचल की यमुना नदी किनारे आगरा की धरा में जन्मे रांगेय राघव पर ज्ञान की देवी मां शारदा की आसीम कृपा थी, जो दक्षिणी भारतीय परिवार के सदस्य होते हुए भी हिन्दी साहित्य में अनूठी छाप छोड़ी।

आदमी अब खूब रोता है…

आदमी अब खूब रोता है
मन मसलता है
मांग भर कर मृत्यु की

वो योगी सन्यासी…

अट्ठारह सौ तिरसठ जनवारी 12 को
धरा पर हुआ विशिष्ट आनंद

राजस्थान साहित्य अकादमी 121 पांडुलिपियों पर 12.94 लाख रुपए का देगी सहयोग

राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा वर्ष 2022-2023 में 121 पांडुलिपियों पर 12.94 लाख रुपए के सहयोग दिए जाने की घोषणा की गई है। 19वीं सरस्वती सभा-संचालिका

डा. उषा कीर्ति राणावत मुम्बई की पुस्तक ‘पधारो म्हारे देश’ का लोकार्पण | नारी कभी ना हारी लेखिका साहित्य संस्थान का कार्यक्रम

नारी कभी ना हारी लेखिका साहित्य संस्थान जयपुर के तत्वावधान में आयोजित एक समारोह में डा. उषा कीर्ति राणावत ( मुम्बई) की पुस्तक ‘पधारो म्हारे देश’

प्रभु-सहचर्य

चौरासी लाख योनियों में से एक
अति दुर्लभ है मानव योनि एक
है इस में इच्छा और कर्म का संपूर्ण समावेश