जब अघाने छेड़ते हैं, बात मेरे गांव की।
हृदय के गहराव में इक, धूल के ठहराव की।
Category: साहित्य
मैं अक्षर तुम मात्रा…
मैं अक्षर हूं एक तुम्हारा, तुम मेरी मात्रा हो।
मैं कदमों सा एक बटोही, तुम जैसे यात्रा हो।।
राघव आ जाओ तुम दुबारा, आज भी याद तुम्हारी आती है | डा.रांगेय राघव जयंती
उत्तरप्रदेश एवं ब्रज अंचल की यमुना नदी किनारे आगरा की धरा में जन्मे रांगेय राघव पर ज्ञान की देवी मां शारदा की आसीम कृपा थी, जो दक्षिणी भारतीय परिवार के सदस्य होते हुए भी हिन्दी साहित्य में अनूठी छाप छोड़ी।
राजस्थान साहित्य अकादमी 121 पांडुलिपियों पर 12.94 लाख रुपए का देगी सहयोग
राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा वर्ष 2022-2023 में 121 पांडुलिपियों पर 12.94 लाख रुपए के सहयोग दिए जाने की घोषणा की गई है। 19वीं सरस्वती सभा-संचालिका
डा. उषा कीर्ति राणावत मुम्बई की पुस्तक ‘पधारो म्हारे देश’ का लोकार्पण | नारी कभी ना हारी लेखिका साहित्य संस्थान का कार्यक्रम
नारी कभी ना हारी लेखिका साहित्य संस्थान जयपुर के तत्वावधान में आयोजित एक समारोह में डा. उषा कीर्ति राणावत ( मुम्बई) की पुस्तक ‘पधारो म्हारे देश’
प्रभु-सहचर्य
चौरासी लाख योनियों में से एक
अति दुर्लभ है मानव योनि एक
है इस में इच्छा और कर्म का संपूर्ण समावेश
