जब कंधे पर हाथ रख,
कोई हौले से कहता है
… मैं हूं ना,
Category: साहित्य
कटे वृक्ष सिमटते पर्वत…
कटे वृक्ष सिमटते पर्वत, पीड़ा देने वाले हैं
एक दिन जब सब मिट जांयेंगे, पड़ें जान के लाले है।
राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी ने रचनाकारों से मांगी प्रविष्टियां, जुलाई में किया जाएगा विजेताओं का सम्मान
राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी द्वारा साहित्य सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत राजस्थान के ब्रजभाषा रचनाकारों से 6 विधाओं में प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं। इनमें से चयनित रचनाकारों को
राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी ने रचनाकारों से मांगी प्रविष्टियां, जुलाई में किया जाएगा विजेताओं का सम्मान
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राजस्थान ब्रज भाषा अकादमी की काव्य गोष्ठी में कवियों ने रचा ब्रज संस्कृति का सलौना संसार
झालाना स्थित अकादमी संकुल का परिसर शुक्रवार को ब्रज की अल्हड़ और सलौनी संस्कृति के रंग मे रंग गया। मौका था राजस्थान ब्रज भाषा अकादमी की ओर से हर महीने
