नई दिल्ली
भारतीय रेलवे अपने ढांचे में बदलाव की तरफ कदम आगे बढ़ा रही है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। केंद्र सरकार आम बजट 2022-23 में इसके रोडमैप का ऐलान कर सकती है। केंद्र का इरादा है कि रेल मंत्रालय के अधीन आने वाले छह पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSU) को मर्ज कर दिया जाए। इसके लिए एक रोडमैप बनाने की तैयारी चल रही है।
इसलिए हो रही है कवायद
आपको बता दें कि प्रिंसिपल इकोनॉमिक एडवाइजर संजीव सानयाल ने अगस्त 2021 में रेल मंत्रालय के तहत आने वाली सरकारी संस्थाओं के रेशनलाइजेशन पर जारी रिपोर्ट में मर्जर की सिफारिश की थी। रेल मंत्रालय को मर्जर से पीएसयू के वैल्युएशन बढ़ने की उम्मीद है, जो अच्छी शर्तों पर फंड जुटाने में उपयोगी हो सकती है। दरअसल रेलवे पीएसयू के मर्जर की प्रक्रिया सितंबर में शुरू की गई थी, जब वित्त मंत्रालय ने भारतीय रेल से प्रिंसिपल इकोनॉमिक एडवाइजर के प्रस्ताव पर सात पब्लिक सेक्टर की कंपनियों के विलय की योजना पेश करने के लिए कहा था।
ये हैं PSU जिनका होना है विलीनीकरण
केंद्र सरकार रेलवे के जिन PSU का विलय करने की दिशा में कदम आगे बढ़ा रही है उनमें रेल विकास निगम लि. (RVNL) के साथ इंडियन रेलवे कंस्ट्रक्शन लि. (IRCON) के, रेलटेल कॉरपोरेशन के साथ इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) के और ब्राइथवेट एंड कंपनी लि. के साथ रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विसेज (राइट्स) के विलय का रोड मैप तैयार किया जा रहा है। इस रोड मैप का ऐलान आम बजट 2022-23 में हो सकता है।
रेलवे बोर्ड ने ये बताई टाइमलाइन
सूत्रों ने बताया कि रेलवे के अधीन छह पीएसयू के विलय की टाइमलाइन भी रेलवे बोर्ड ने तय कर दी है। ऐसे उम्मीद की जा रहे है कि तीन पीएसयू मर्जर्स में दो के अगले साल पूरा होने का अनुमान है। आरवीएनएल के साथ आईआरसीओएन और रेलटेल के साथ आईआरसीटीसी का मर्जर 2022-23 में पूरा होने की संभावना है।
आरवीएनएल रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण और बढ़ोतरी से जुड़ी परियोजनाओं के कार्यान्वयन करती है; आईआरसीओएन एक विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर कंस्ट्रक्शन ऑर्गनाइजेशन है। राइट्स एक कंसल्टैंसी है, जो रोलिंग स्टॉक का एक्सपोर्ट करती है और ब्राइथवेट रोलिंग स्टॉक का निर्माण करती है। प्रस्तावित मर्जर में मोनोपॉली कायम करने की क्षमता है, जिससे पार्ट्स या पूरे उत्पाद की बिक्री की स्थिति में वैल्युएशन बढ़ेगी।
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