नई दिल्ली
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 1,626.74 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी के मामले में चंडीगढ़ की एक निजी कंपनी और उसके निदेशकों समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर करीब एक दर्जन स्थानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे हैं। छापेमारी के दौरान आरोपी के घर से करीब एक करोड़ 58 लाख ,96 हजार रुपए नकद राशि भी जब्त की गई है। जल्द ही इस मामले में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
सीबीआई ने यह कार्रवाई सेंट्रल ऑफ इंडिया व अन्य बैकों की शिकायत पर की है। उसने चंडीगढ़, दिल्ली, पंचकूला, लुधियाना, फरीदाबाद सहित कुल 12 लोकेशन पर छापेमारी की। सीबीआई की टीम ने आरोपियों के आवास से बैंक के लॉकर, गोल्ड, ज्वेलरी, प्रोपर्टी के दस्तावेजों को भी जब्त किया है, जिसका खुलासा सीबीआई जल्द ही करने वाली है।
सीबीआई ने कंपनी के निदेशकों, गारंटरों और अज्ञात लोक सेवकों व अन्य व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि यह कंपनी दवाओं के निर्माण में लगी है। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों व अन्य ने जाली दस्तवेजों के आधार पर बैंकों के संघ से लगभग 1626.74 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है।
बैंक के अधिकारी द्वारा कुछ समय पहले सीबीआई में दवा बनाने वाली (Manufacturing of Drugs) एक प्राइवेट कंपनी मेसर्स परबोलिक ड्रग्स लिमिटेड और उसके मैनेजमेंट के खिलाफ फर्जीवाड़े से जुड़े मसले पर शिकायत दर्ज करवाई गई थी। दर्ज शिकायत में लिखित तौर पर ये बताया गया था कि कैसे एक प्राइवेट कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर, डायरेक्टर, सहित अन्य अधिकारियों और अज्ञात सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा बैंक को करीब डेढ़ हजार करोड़ से ज्यादा रुपए का चूना लगाया गया।
ऐसे खेला धोखाधड़ी का खेल
आरोप ये है कि इस कंपनी द्वारा बैंकों से लोन लेकर उसे कई अन्य प्रोजेक्ट के लिए दूसरे अकाउंट में डाइवर्ट कर दिया गया। यानी इस कंपनी के द्वारा दवा बनाने के नाम पर लोन लेकर उसे दूसरी कंपनी में डाइवर्ट करके इस कंपनी ने अपना नुकसान दिखा दिया। इसके साथ एक साजिश के तहत कई सरकारी अधिकारियों और कई प्राइवेट लोगों के साथ मिलकर कई बैंकों को करोड़ों रुपए का चूना लगाया गया।
इनके खिलाफ दर्ज किया गया मामला
- मेसर्स परबोलिक ड्रग्स लिमिटेड (M/s Parabolic Drugs Ltd
- प्रणव गुप्ता (मैनेजिंग डायरेक्टर)
- विनीत गुप्ता (निदेशक)
- दीपाली गुप्ता (निदेशक)
- रमा गुप्ता (निदेशक)
- जगजीत सिंह चहल (निदेशक)
- संजीव कुमार (निदेशक)
- वंदना सिंगला (निदेशक)
- इशरत गिल (निदेशक)
- जे डी गुप्ता (निदेशक)
- टी एन गोयल (निदेशक)
- निर्मल बंसल (ग़ैरेन्टर)
- कई अज्ञात सरकारी और प्राइवेट लोग
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