आयुष मंत्रालय ने भद्रासन के स्वास्थ्य लाभ बताए हैं। यह योगासन घुटनों और कूल्हों को मजबूत बनाने, पेट का तनाव कम करने और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। जानिए इसके फायदे और जरूरी सावधानियां।
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नई दिल्ली
योग को अक्सर कठिन आसनों और घंटों की साधना से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन कई ऐसे सरल योगासन भी हैं जो रोजमर्रा की जिंदगी में बड़े बदलाव ला सकते हैं। इन्हीं में से एक है भद्रासन, जिसे आयुष मंत्रालय ने लोगों को अपनाने की सलाह दी है। मंत्रालय का दावा है कि यह आसान-सा दिखने वाला आसन शरीर और मन दोनों को मजबूती देने के साथ कई स्वास्थ्य समस्याओं में राहत पहुंचाने में मददगार साबित हो सकता है।
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मंत्रालय के मुताबिक भद्रासन केवल बैठने की एक मुद्रा नहीं, बल्कि ऐसा योगासन है जो शरीर को स्थिरता और मानसिक संतुलन प्रदान करता है। नियमित अभ्यास से घुटनों और कूल्हों की मांसपेशियों व हड्डियों को मजबूती मिलती है। यही वजह है कि इसे जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भद्रासन का एक बड़ा फायदा पेट से जुड़ी समस्याओं में भी देखा जाता है। यह पेट के तनाव को कम करने में सहायक माना जाता है और महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान होने वाली असुविधाओं में राहत दिलाने में मदद कर सकता है। गर्भावस्था के दौरान भी इसे लाभकारी योगासन के रूप में देखा जाता है, हालांकि किसी भी गर्भवती महिला को विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही इसका अभ्यास करना चाहिए।
आयुष मंत्रालय ने अपने जागरूकता अभियान में यह भी बताया कि अंग्रेजी में भद्रासन को ‘ऑस्पिशियस पोज’ कहा जाता है। योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह आसन शरीर की स्थिरता बढ़ाने के साथ मन को भी शांत रखने में मदद करता है।
हालांकि हर योगासन की तरह इसमें भी सावधानी जरूरी है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि गठिया (एक्यूट आर्थराइटिस) और साइटिका से पीड़ित लोगों को भद्रासन का अभ्यास करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे उनकी परेशानी बढ़ सकती है।
इससे पहले आयुष मंत्रालय ताड़ासन को लेकर भी लोगों को जागरूक कर चुका है। मंत्रालय का कहना है कि योग का मतलब केवल कठिन मुद्राएं करना नहीं है, बल्कि ऐसे सरल अभ्यास अपनाना है जो बढ़ती उम्र में शरीर को लचीला, संतुलित और सक्रिय बनाए रखें। ताड़ासन को भी शुरुआती और सबसे उपयोगी योगासनों में शामिल माना जाता है, जो शरीर की मुद्रा सुधारने और पूरे शरीर को हल्का खिंचाव देने में मदद करता है।
योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सही तरीके और नियमितता के साथ योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए तो यह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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