अलवर एक्सप्रेसवे पर मौत की आग, 5 जिंदा जले | चलते सफर में खत्म हुआ पूरा परिवार, आग के गोले में बदली कार

अलवर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चलती कार में आग लगने से एक ही परिवार के 5 लोगों की जिंदा जलकर मौत, चालक 80% झुलसा, जयपुर में इलाज जारी।

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अलवर 

राजस्थान के अलवर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर देर रात ऐसा मंजर सामने आया, जिसने हर देखने वाले की रूह कंपा दी। तेज रफ्तार से दौड़ रही कार अचानक आग का गोला बनी और उसमें सवार 5 लोग जिंदा जल गए। हादसा इतना भयावह था कि शव पूरी तरह जलकर कंकाल में बदल गए—पुलिस को उन्हें अलग-अलग पोटलियों में समेटना पड़ा।

घटना मौजपुर के पास पिलर नंबर 115/300 के पास हुई। डीएसपी कैलाश जिंदल के अनुसार, दिल्ली से कोटा जा रही कार में अचानक आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और अंदर बैठे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

हादसे में एक ही परिवार के 5 लोग जिंदा जल गए—पति संतोष (35), पत्नी शशि (32), उनकी दो बेटियां रागिनी और साक्षी, और सास पार्वती (50), सभी मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव के रहने वाले थे। एक झटके में पूरा परिवार खत्म हो गया।

कार चालक विनोद कुमार मेहर ने किसी तरह चलती कार से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन वह करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गया। पहले उसे पिनान सीएचसी, फिर अलवर जिला अस्पताल और बाद में गंभीर हालत में सवाई मानसिंह अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

हादसे के पीछे गैस लीकेज को वजह माना जा रहा है। आग इतनी तेजी से फैली कि कार कुछ ही मिनटों में कबाड़ में तब्दील हो गई। सूचना मिलते ही एनएचएआई पेट्रोलिंग टीम, एम्बुलेंस, लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस और एसएचओ नेकीराम मौके पर पहुंचे। दमकल की दो गाड़ियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।

मौके की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शवों की पहचान तक संभव नहीं थी। पुलिस ने डॉक्टरों की मदद से अवशेष जुटाए और डीएनए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। पोस्टमार्टम के लिए शवों को लक्ष्मणगढ़ सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया गया है। परिजनों के पहुंचने के बाद मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा।

घटना की सूचना मिलते ही एसपी सुधीर चौधरी भी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। एक तेज रफ्तार सफर… कुछ ही मिनटों में मौत के मंजर में बदल गया—और पीछे छोड़ गया सिर्फ राख, सन्नाटा और चीखों की गूंज।

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