भरतपुर
महारानी श्री जया राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (MSJ College) में हिन्दी छात्र परिषद् के तत्वावधान में हिंदी विभाग की ओर से विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ.हरबीर सिंह, मुख्य वक्ता राजकीय नदबई महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.अशोक कुमार शर्मा, सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ.सुनीता कुलश्रेष्ठ, डॉ.उर्मिला शर्मा, हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ.इला मिश्रा, हिन्दी छात्र परिषद् संयोजक डॉ.अशोक कुमार गुप्ता ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर ज्योति, राखी, हिमानी, रूबी छात्राओं की सरस्वती वंदना से किया गया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता प्रोफेसर अशोक शर्मा ने कहा कि कबीर का साहित्य आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि कबीर बौद्ध धर्म की महायान एवं नाथ संप्रदाय से आए हैं। ये योग की साधना से प्रभावित रहे हैं। उन्होंने बताया कि आत्मा और परमात्मा का मिलन ही योग है। इस योग के द्वारा चेतना को जागृत किया जा सकता है। उन्होंने कबीर की भक्ति को स्पष्ट करते हुए कहा कि कबीर निर्गुण काव्य धारा के ज्ञानमार्गी कवि हैं। उनका हठयोग आनंद की प्राप्ति वाला है और जीवन का लक्ष्य भी आनंद की प्राप्ति ही है। उन्होंने कबीर की उलटवांसियांँ, साखी,शब्दों की व्याख्या करते हुए कबीर द्वारा प्रयुक्त अनाहद,अमृत,जीवात्मा आदि शब्दों की दार्शनिक व्याख्या की। उन्होंने कहा कि कबीर द्वारा तात्कालिक समाज में हो रहे पाखंडों एवं आडंबरों का सतर्क विरोध किया गया। उन्होंने उस समय नैतिकता का संदेश दिया जो आज भी कालजयी है। उन्होंने कबीर के पदों का सस्वर गायन करके उनके दार्शनिक महत्व को स्पष्ट किया।
डॉ.उर्मिला शर्मा ने कबीर के दार्शनिक तत्वों को स्पष्ट करते हुए कहा कि जो काम आज करना है उसे आज ही करें। उन्होंने अनेक उदाहरणों के माध्यम से कबीर को श्रेष्ठ कवि सिद्ध किया। इस अवसर पर प्रोफेसर सुनीता कुलश्रेष्ठ ने मीरा के काव्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि मीरा का प्रेम अलौकिक था। उनके प्रेम में गहराई थी। उनको कृष्ण के विरह में भी आनंद की प्राप्ति होती थी। वे सगुण काव्य धारा की श्रेष्ठ कवयित्री थी।
कार्यक्रम में डॉ.नरेश चन्द गोयल, डॉ.अंजना शर्मा, डॉ.बालकृष्ण शर्मा ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस अवसर पर पूर्व में हुए निबंध एवं शुद्ध लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। जिनमें क्रमशः बीए पार्ट प्रथम की ज्योति को प्रथम स्थान, शिवानी त्यागी को द्वितीय तथा रितिका को तृतीय स्थान इसी तरह हर्ष गर्ग को प्रथम, रागिनी को द्वितीय तथा नम्रता रानी एवं पायल गहलोत को तृतीय स्थान मिलने पर पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ.अशोक कुमार गुप्ता ने किया एवं अंत में आभार विभागाध्यक्ष डॉ.इला मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में डॉ.रामबाबू गुर्जर आदि संकाय सदस्यों के साथ बहु संख्या में विद्यार्थीगण मौजूद थे।
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