लखनऊ
मूक-बधिर और महिलाएं थीं निशाने पर
यूपी एटीएस ने रुपए, नौकरी और शादी का लालच देकर धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का खुलासा कर 21 जून सोमवार को गिरोह के दो सदस्य काजी जहांगीर आलम और मोहम्मद उमर गौतम को गिरफ्तार किया है। गिरोह पर अब तक एक हजार लोगों का धर्मांतरण करके मुस्लिम बनाने का आरोप है। इन्हें ISI और विदेशी फंडिंग होती थी। दोनों आरोपी मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी दिल्ली के जामिया नगर इलाके के निवासी हैं। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसकी जानकारी दी। अभी तक सिर्फ दो ही गिरफ्तारियां हुई हैं, लेकिन इसमें 100 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की आशंका है। ये पूरा रैकेट पिछले दो साल से चल रहा था।
संस्था चलाकर करते थे धर्म परिवर्तन
एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर के अनुसार, ‘उमर गौतम खुद हिंदू से मुस्लिम में परिवर्तित हुआ जिसने यूपी के अन्य जनपदों के गैर मुस्लिम मूकबधिर, महिलाओं और बच्चों का सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन किया। उमर और उसके सहयोगी जामियानगर से एक संस्था चलाते हैं। जिसका मुख्य उद्देश्य गैर मुस्लिमों का धर्म परिवर्तन कराना है। इस कार्य के लिए बैंक खातों और अन्य माध्यमों से भारी पैसे उपलब्ध कराए जाते हैं।’ एडीजी ने बताया कि दोनों आरोपी पर अन्य प्रदेशों में भी धर्मांतरण कराने का आरोप है। लोग गरीब हिंदुओं को निशाना बनाते थे और अब तक एक हजार से ज्यादा हिंदुओं का धर्मांतरण कर चुके हैं। उमर और उसके साथियों द्वारा धर्म परिवर्तन के लिए IDC (Islamic Dawah Center) कार्यालय पता- C 2, जोगाबाई एक्सटेंशन, जामिया नगर, नई दिल्ली, नाम की संस्था चलाई जा रही थी। इस काम के लिए संस्था को भारी विदेशी फंडिंग भी होती थी। ये लोग धर्मांतरण से सम्बंधित प्रमाण पत्र और विवाह के प्रमाण पत्र भी गैर कानूनी रूप से तैयार करवाते थे।
नोएडा, कानपुर, मथुरा वगैरह में फैला था रैकेट
एडीजी ने बताया कि पहले विपुल विजयवर्गीय और कासिफ की गिरफ्तारी हुई थी जिनसे पूछताछ में सूचना मिली कि एक बड़ा गैंग है जो प्रलोभन देकर लोगों का धर्म परिवर्तन कराता है। पूछताछ में उमर गौतम का नाम आया, जो बाटला हाउस जामियानगर का रहने वाला है। इन्होंने भी अपना धर्म परिवर्तन किया है। एडीजी ने बताया कि इन्होंने नोएडा, कानपुर, मथुरा, वाराणसी वगैरह जिलों के लोगों को निशाना बनाया। एडीजी ने बताया, ‘नोएडा डेफ सोसाइटी नोएडा सेंटर 117 जो मूक बधिर का रेजिडेशिंयल स्कूल है। यहां छात्रों को नौकरी शादी का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जाता है। छात्र के परिजनों को इसकी जानकारी नहीं होती है। ऐसे ही एक बच्चे आदित्य गुप्ता के माता-पिता से हमने पूछताछ की।
‘बच्चे ने वीडियो कॉल के जरिए परिजनों को दी सूचना
बच्चे के परिजनों ने पुलिस को बताया कि पहले उन्होंने अपने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट कराई थी जिसे बाद में 364 में परिवर्तित किया गया था। यह भी बताया कि उनका बेटा मूक बधिर है। धर्म परिवर्तन कराकर साउथ के किसी राज्य में ले जाया गया है। इसके बारे में उनके मूकबधिर बच्चे ने वीडियो कॉल से बताया। इसी तरह गुड़गांव का भी एक केस सामने आया। जिन बच्चों ने धर्म परिवर्तन किया वो इतने डरे हुए हैं कि आगे आकर कुछ बता नहीं पा रहे हैं।
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