सहारनपुर PNB के ₹17.29 करोड़ के नकली नोट केस में NIA ने मुकेश कुमार और राजेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। अब तक चार आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट से मिले ₹17.29 करोड़ के नकली नोटों का मामला अब सिर्फ बैंक तक सीमित नहीं रह गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले में मुकेश कुमार और राजेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। दोनों को पहले गिरफ्तार किए गए संविदा चालक आदेश चौधरी का करीबी सहयोगी और नकली नोटों की कथित साजिश में अहम कड़ी बताया गया है। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या चार हो गई है।
NIA के मुताबिक, मुकेश कुमार सहारनपुर के सदर थाना क्षेत्र के हसनपुर कदीम गांव का रहने वाला है, जबकि राजेंद्र कुमार सरसावा थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव का निवासी है। दोनों की गिरफ्तारी से एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि करेंसी चेस्ट तक नकली नोट पहुंचाने और उन्हें आगे चलाने की कथित योजना में कौन-कौन लोग शामिल थे।
बैंक की तिजोरी तक पहुंच गए इतने नकली नोट, अब तलाश पूरी कड़ी की
मामला 29 अगस्त को सामने आया था। सहारनपुर के सदर बाजार थाने को पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में बड़ी मात्रा में नकली भारतीय मुद्रा मिलने की सूचना मिली थी। जांच में नकली नोटों की कुल अंकित कीमत ₹17.29 करोड़ सामने आई। शुरुआती जांच में बैंक से जुड़े तीन कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के बाद उन्हें निलंबित किया गया था। इसके बाद मामला NIA तक पहुंचा। एजेंसी ने 3 सितंबर को केस को दोबारा दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली।
NIA ने सबसे पहले अमित कुमार को 7 सितंबर को गिरफ्तार किया। इसके बाद आदेश चौधरी की 15 सितंबर को गिरफ्तारी हुई। अब मुकेश कुमार और राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच में सामने आए आरोपियों की संख्या चार हो गई है।
जयपुर भेजी गई 111 करोड़ की खेप से खुला था नकली नोटों का राज
इस पूरे मामले की शुरुआती कड़ी बैंक की करेंसी चेस्ट से RBI जयपुर भेजी गई नकदी की जांच से जुड़ी बताई गई है। रिपोर्टों के अनुसार करीब ₹111 करोड़ की नकदी भेजे जाने के बाद गिनती में रकम कम मिली थी। जांच और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल के दौरान बैंक परिसर से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका सामने आई और इसी क्रम में नकली नोटों का बड़ा जखीरा मिलने का मामला खुला।
जांच में आउटसोर्स कर्मचारी विशाल कुमार का नाम भी सामने आया था। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, वह करेंसी चेस्ट में पार्ट टाइम हाउसकीपर के तौर पर काम करता था। हालांकि मौजूदा NIA कार्रवाई का फोकस अब कथित नकली नोट नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचने पर है।
रुड़की पहुंची जांच, लेकिन असली सवाल अभी बाकी
इस मामले में अब रुड़की का नाम भी सामने आया है। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक NIA टीम ने रुड़की के एक मकान में कार्रवाई कर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। इससे जांच का दायरा उत्तराखंड तक पहुंचने की संभावना दिखाई दे रही है। हालांकि इस व्यक्ति की भूमिका और उसका ₹17.29 करोड़ के नकली नोट मामले से सीधा संबंध NIA की ओर से सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है।
यही वजह है कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगा कि नकली नोटों को रुड़की में खपाने की योजना थी। जांच एजेंसी को यह स्थापित करना होगा कि रुड़की में हुई कार्रवाई का सहारनपुर करेंसी चेस्ट की कथित साजिश से क्या संबंध है।
नकली नोट आगे कहां जाने थे? NIA तलाश रही जवाब
अब जांच के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि ₹17.29 करोड़ के नकली नोट करेंसी चेस्ट तक पहुंचे कैसे और इनके आगे प्रसार की कथित योजना क्या थी? NIA यह भी जांच कर रही है कि बैंक के भीतर और बाहर इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े थे। एजेंसी ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है और साजिश में शामिल अन्य सह-आरोपियों और संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
इस मामले में चार गिरफ्तारियों के बाद जांच का अगला फोकस कथित नेटवर्क की उन कड़ियों पर है, जो नकली नोटों के स्रोत, बैंक की करेंसी चेस्ट तक उनकी पहुंच और संभावित आगे की सप्लाई से जुड़ी हो सकती हैं।
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