विदेश से मेडिकल की पढ़ाई कर लौटे FMG छात्रों के स्टाइपेंड को लेकर सहमति बनी है। ARDA, FMG प्रतिनिधियों और चिकित्सा शिक्षा विभाग के बीच चर्चा के बाद प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया।
जयपुर। विदेश से मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर भारत लौटे FMG (Foreign Medical Graduates) छात्रों के स्टाइपेंड को लेकर लंबे समय से चल रहा मुद्दा अब समाधान की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अखिल राजस्थान चिकित्सक संघ (ARDA) के प्रयासों के बाद देर रात हुई चर्चा में FMG छात्रों को स्टाइपेंड देने की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बन गई।
इस मुद्दे को लेकर ARDA पदाधिकारियों, FMG प्रतिनिधियों और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच विस्तार से बातचीत हुई। चर्चा में ARDA उपाध्यक्ष डॉ. विकास बुडानिया, प्रवक्ता डॉ. आशीष पूनिया, FMG प्रतिनिधि डॉ. जसवंत यादव सहित चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल रहे।
नियमों की व्याख्या को लेकर बनी थी स्थिति
ARDA प्रवक्ता डॉ. आशीष पूनिया के मुताबिक विदेश से मेडिकल स्नातक करने वाले विद्यार्थियों और भारतीय MBBS स्नातकों के बीच नियमों की व्याख्या को लेकर विरोधाभास की स्थिति बनी हुई थी। इसी वजह से FMG छात्रों के स्टाइपेंड का मामला लंबे समय से अटका हुआ था। देर रात हुई चर्चा में इस मुद्दे पर पक्षों के बीच सहमति बनी और FMG छात्रों के स्टाइपेंड की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया।
मांग पूरी होने की उम्मीद से छात्रों में खुशी
स्टाइपेंड की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद FMG छात्रों में खुशी का माहौल है। छात्रों ने इसे उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर सकारात्मक कदम बताया है। ARDA ने इस मामले में सहयोग के लिए मीडिया, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों का आभार जताया है।
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