गौरी खेले होली

आई फागुनी बयार
लेकर रंगों का त्यौहार

है गुज़ारिश

है गुज़ारिश
बंद करो अब नारी की
नर से तुलना करना

खोलो द्वार…

सोच संकुचित इस जगत की, कैसे करें उम्मीद समता की

अनमोल बेटियां…

कैसे कोई कर सकता है बेटियों का दान?

जीवन के मोड़…

मौसम की तरह बदलना मेरी फितरत नहीं

स्त्री मन की व्यथा…

मायके आई जब पुत्री नव विवाहित…

योग भगाए रोग…

योग भगाए रोग…

हिन्दुआ सूरज मेवाड़ मुकुट

वीर शिरोमणि, हिन्दुआ सूरज
मेवाड़ मुकुट, जयवन्ता पुत्र…

प्रकृति की ओर…

कर के प्रकृति से खिलवाड़ , प्राकृतिक संतुलन दिया बिगाड़…

अजेय योद्धाओं की ढाल…

अहंकार परिचायक दुर्बलता का…