जयपुर
राजस्थान विप्र कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश शर्मा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र भेजकर पीटीईटी परीक्षा 2022 सहित आगे होने वाली अन्य समस्त प्रवेश परीक्षाओं/ प्रतियोगी परीक्षाओं में EWS अभ्यार्थियों को भी अन्य आरक्षित वर्गों की तरह ही न्यनूतम अंकों में 5 प्रतिशत की छूट दिए जाने की मांग की है।
शर्मा ने बताया कि जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर द्वारा आयोजित होने वाली पीटीईटी परीक्षा, 2022 में शामिल होने के लिए स्नातक या स्नोकात्तर परीक्षा में सामान्य वर्ग एवं आर्थिक पिछडा वर्ग (EWS ) दोनों वर्गो के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य किए गए हैं, जबकि अन्य आरक्षित श्रेणियों (एस.सी., एस.टी., एम.बी.सी., ओबीसी) में न्यूनतम अंक में 5 प्रतिशत की छूट देकर न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक पिछडा वर्ग (EWS ) के अन्तर्गत पात्र अभ्यार्थियों के लिए भी इसी प्रकार न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक अनिवार्य किया जाना न्यायोचित होगा।
शर्मा ने बताया कि आर्थिक पिछडा वर्ग (EWS) के अभ्यार्थियों के न्यूनतम अनिवार्य अंक अनारक्षित वर्ग के अभ्यार्थियों के समान 50 प्रतिशत किये जाने के कारण आर्थिक पिछडा वर्ग (EWS) के लाखों अभ्यार्थियों को आरक्षण का उचित लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा है एवं आरक्षित वर्ग में होने पर भी आरक्षण से वंचित हो रहे हैं।
शर्मा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पीटीईटी परीक्षा 2022 सहित आगे होने वाली अन्य समस्त प्रवेश परीक्षाओं/प्रतियोगी परीक्षाओं में ई.डब्ल्यू.एस. आरक्षित श्रेणी के अभ्यार्थियों को भी न्यनूतम अंकों में 5 प्रतिशत की छूट दी जाए।
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