जयपुर
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी पुरानी पेंशन के लिए भटक रहे राजस्थान के हजारों समायोजित शिक्षाकर्मियों ने राजस्थान सरकार की उस पुनर्विचार याचिका को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी है जो राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर की खंडपीठ में करीब ढाई साल से लंबित चल रही है। इस मामले में समायोजित शिक्षाकर्मियों द्वारा सुप्रीमकोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई है। उम्मीद है कि शरद कालीन अवकाश के पश्चात जनवरी 2022 के मध्य तक यह SLP (विशेष अनुमति याचिका) लिस्टेड हो जाएगी।
आपको बता दें कि समायोजित शिक्षाकर्मी संघ राजस्थान और राजस्थान समायोजित शिक्षाकर्मी वेलफेयर सोसायटी अजमेर द्वारा अनुदानित संस्थाओं से राजकीय विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में वर्ष 2011 में समायोजन के पश्चात 2004 के पूर्व की नियुक्ति को आधार बनाकर राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में पुरानी पेंशन को लेकर परिवाद दायर किया गया था जिस पर उच्च न्यायालय जोधपुर ने 01 फरवरी 2018 को राजस्थान समायोजित शिक्षाकर्मी संघ के पक्ष में निर्णय दिया। लेकिन राजस्थान सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर कर इस फैसलों को चुनौती दे दी। पर सुप्रीमकोर्ट ने भी इस विशेष अनुमति याचिका यह मानकर खारिज कर दिया कि हाईकोर्ट का समायोजित शिक्षाकर्मी संघ के पक्ष में दिया गया निर्णय सही है।
पुरानी पेंशन देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में मुंह की खाने के बाद भी राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध हाईकोर्ट जोधपुर में पुनर्विचार याचिका दायर कर दी। इस पर जो निर्णय तीन माह में लिया जाना था उसमें दो साल छ: महीने का समय लग गए। राजस्थान समायोजित शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सरदार सिंह बुगालिया ने कहा कि फैसले को रिकोल करना अन्याय पूर्ण तथा विधि विरुद्ध है।
बुगालिया ने बताया कि राजस्थान समायोजित शिक्षाकर्मी संघ राजस्थान और राजस्थान समायोजित शिक्षाकर्मी वेलफेयर सोसायटी अजमेर विधि विशेषज्ञों से वार्ता तथा विचार विमर्श कर सभी 6 दावेदारों को राजस्थान समायोजित शिक्षाकर्मी वेलफेयर सोसायटी अजमेर के अधीन एक मंच पर लेकर अब उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर कर दी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कि जनवरी 2022 में हमारी याचिका लिस्टेड हो जाएगी तथा न्यायालय हमारे पक्ष में निर्णय देकर सम्मान पूर्वक जीने का अधिकार प्रदान करेगा।
प्रदेश प्रवक्ता नवीन कुमार शर्मा ने कहा कि संगठन वरिष्ठ अभिभाषक गण के निरंतर संपर्क में हैं तथा सभी साथियों की संघर्ष के बल पर अच्छे परिणाम आएंगे।
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