गुरुग्राम के कांकरौला सरकारी स्कूल में आधुनिक स्किल डेवलपमेंट लैब और सैनिटेशन ब्लॉक का लोकार्पण हुआ। विद्यार्थियों को 31 स्मार्ट टैबलेट से AI, ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा की निःशुल्क शिक्षा मिलेगी।
मानेसर (गुरुग्राम)। आने वाले समय में युवाओं की पहचान सिर्फ उनकी डिग्री से नहीं, बल्कि उनके पास मौजूद हुनर और तकनीकी दक्षता से होगी। इसी बदलते दौर को ध्यान में रखते हुए गुरुग्राम के गांव कांकरौला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए आधुनिक स्किल डेवलपमेंट लैब और नए सैनिटेशन ब्लॉक की सुविधा शुरू की गई है। खास बात यह है कि यहां विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्लॉकचेन, वित्तीय साक्षरता और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक विषयों की निःशुल्क शिक्षा भी मिलेगी।
5 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम में एशियन इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड सोशल डेवलपमेंट काउंसिल के तत्वावधान में इन सुविधाओं का लोकार्पण किया गया। यह परियोजना अस्ती इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) कार्यक्रम के तहत तैयार की गई है। 60 विद्यार्थियों की क्षमता वाली अत्याधुनिक स्किल लैब का उद्घाटन कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर मारुओ कुवाहारा, अर्थशास्त्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सीए धीरज शर्मा और नगर निगम पार्षद दिनेश यादव ने किया।
डिग्री से ज्यादा कौशल की होगी अहमियत, डॉ. धीरज शर्मा ने विद्यार्थियों को दिया संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एशियन इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड सोशल डेवलपमेंट काउंसिल के महासचिव एवं अर्थशास्त्री डॉ. सीए धीरज शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में डिग्री की तुलना में कौशल, दक्षता और व्यावहारिक ज्ञान का महत्व अधिक होगा। युवाओं को लगातार सीखने, नई तकनीकों को अपनाने और अपनी योग्यता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में 5 से 24 वर्ष आयु वर्ग के 58 करोड़ से अधिक युवा हैं, जो दुनिया में सबसे बड़ी युवा आबादी है। इसके बावजूद कौशल आधारित शिक्षा की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से देश अपनी इस जनसांख्यिकीय क्षमता का पूरा लाभ नहीं उठा पा रहा है। ऐसे में स्कूलों में आधुनिक स्किल लैब की स्थापना युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. शर्मा ने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में कंपनी अधिनियम 2013 के माध्यम से CSR को कानूनी रूप से अनिवार्य किया गया। हालांकि सामाजिक सेवा और जनकल्याण में योगदान देने की परंपरा देश में सदियों पुरानी रही है।
31 स्मार्ट टैबलेट से खुलेगी आधुनिक तकनीक की दुनिया
इस परियोजना के तहत विद्यालय को 31 स्मार्ट टैबलेट भी उपलब्ध कराए गए हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से निःशुल्क कौशल शिक्षा दी जाएगी। इसमें फेडरेशन ऑफ इंडियन इकोनॉमिक अफेयर्स, गुरु रामदास समर्थ भारत फाउंडेशन और इनटेक ऑर्गेनिक्स सहित अन्य संस्थाओं का सहयोग रहेगा। इन टैबलेट के जरिए विद्यार्थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्लॉकचेन, वित्तीय साक्षरता और साइबर सुरक्षा जैसे समसामयिक एवं तकनीकी विषयों का अध्ययन कर सकेंगे। टैबलेट मिलने पर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
निर्माण में योगदान देने वाले मनीष शर्मा का जापानी प्रतिनिधिमंडल ने किया सम्मान
स्किल लैब और सैनिटेशन ब्लॉक के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सीकर जिले के रींगस निवासी मनीष शर्मा को जापानी प्रतिनिधिमंडल ने सम्मानित किया। विद्यालय के प्रधान जल सिंह ने बताया कि इस बहुउपयोगी परियोजना को पूरा करने में मनीष शर्मा ने अथक प्रयास किए और प्रत्येक कार्य को जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रधान जल सिंह के स्वागत उद्बोधन से हुई। नगर निगम पार्षद दिनेश यादव ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर जापानी विशेषज्ञ सुश्री क्योको और सुश्री अयुमी, कॉरपोरेट प्लानिंग विशेषज्ञ संदीप कुमार, सीए नवीन शर्मा, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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