वैर
कस्बा वैर (Wair) के समीपवर्ती ग्राम नावर में रविवार को किसानों की एक बड़ी जनसभा आयोजित हुई, जिसमें पांचना बांध के पानी का न्यायपूर्ण बंटवारा करने और बाणगंगा नदी को गम्भीर नदी से जोड़ने की सरकार से मांग की गई। सभा में दर्जनों गांवों के किसानों ने एकजुट होकर ईआरसीपी-पीकेसी के पहले चरण में भरतपुर की सूखी नदियों को जोड़ने की आवश्यकता जताई। किसानों ने कहा कि पानी की समस्या का स्थायी समाधान न मिलने से खेती बर्बाद हो रही है।
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सभा की अध्यक्षता करते हुए सीताराम पंडित ने कहा कि पानी हर किसान और नागरिक की प्राथमिक आवश्यकता है, और सरकार को इसे प्राथमिकता देनी चाहिए। पूर्व सांसद पंडित रामकिशन ने कहा कि वसुंधरा राजे सरकार ने 13 जिलों के लिए ईआरसीपी योजना बनाई थी, तो वर्तमान सरकार दो नदियों को जोड़ने का कार्य क्यों नहीं कर सकती? उन्होंने कहा कि पाँचना बाँध के पानी का बंटवारा और वाणगंगा को गम्भीर से जोड़ने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है।
पूर्व सांसद पंडित रामकिशन के प्रमुख बिंदु:
- पानी के साथ रोजगार का स्थायी समाधान निकाले सरकार।
- सरकार को वर्षा के अतिरिक्त पानी को रोकने के लिए योजना बनानी चाहिए।
- ईआरसीपी समझौते को सार्वजनिक कर सिंचाई और पेयजल के लिए तेज़ी से कार्य किया जाए।
- एमएसपी को कानूनी जामा पहनाकर खाद, बीज और कीटनाशकों के बढ़ते दामों पर नियंत्रण लगाया जाए।
- आर्थिक असमानता पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि 157 खरबपतियों की संपत्ति देश की 40% आबादी के बराबर है।
किसान नेता इन्दल सिंह जाट का बयान
इन्दल सिंह जाट ने कहा कि भरतपुर जिला हर मापदंड पर विकास में पिछड़ रहा है। यहां न सिंचाई के लिए पानी है और न युवाओं के लिए रोजगार। उन्होंने एनसीआर और टीटीजेड को समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि इनसे केवल टैक्स का बोझ बढ़ रहा है। इन्दल सिंह ने प्रदूषण रहित छोटे उद्योग लगाने और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार से कदम उठाने की अपील की।
सभा में पूर्व सरपंच त्रिलोकी नाथ शर्मा, घनश्याम गाजीपुर, सोहन सिंह गाजीपुर, श्रीचन्द गुर्जर, बल्ली राम गुर्जर, जगदीश सिंह सरपंच, रामस्वरूप सैनी, सुमेर गुर्जर, युवा नेता निरंजन सिंह, भूरिया जाटब, प्रेम सिंह, और रमेश जाटब ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
किसानों की मांगे:
- पाँचना बाँध के पानी का न्यायपूर्ण बंटवारा।
- वाणगंगा और गम्भीर नदी को आपस में जोड़ने का कार्य।
- ईआरसीपी-पीकेसी को भरतपुर जिले में प्राथमिकता देना।
- किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए डीएलसी दरों को कम करना।
- खेती को बचाने के लिए पानी का स्थायी समाधान और एमएसपी को कानूनी मान्यता।
सभा में किसानों ने कहा कि पानी किसी जाति या धर्म की नहीं, बल्कि सभी की आवश्यकता है। सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन नवीन कुमार शर्मा ने किया। अंत में ईश्वर सिंह शेखावत ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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