श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष
डॉ. विनीता राठौड़
कान्हा तुम्हे फिर आना होगा
पाप का समूल विनाश करना होगा
गीता का ज्ञान पुनः सिखाना होगा।
घर- बाहर असुरक्षित है नारी
उनकी लाज बचाना होगा
कान्हा तुम्हे फिर आना होगा।
गली-गली में पनपते दुर्योधन दुःशासन के
प्राणों को “नंदक” से हरना होगा
कान्हा तुम्हे फिर आना होगा।
मित्र ही मित्र को चाकू घोंप रहे हैं
सखा भाव समझाना होगा
कान्हा तुम्हे फिर आना होगा।
गुरु गरिमा त्याग रहे हैं
गरिमा का पाठ पढ़ाना होगा
कान्हा तुम्हे फिर आना होगा।
भाई-भाई प्राणों के प्यासे हो रहे
भाईचारा सिखाना होगा
कान्हा तुम्हे फिर आना होगा।
कायर सम मौन धरे हर मानव को
अन्याय के प्रति मुखर होना सिखाना होगा
कान्हा तुम्हे फिर आना होगा।
(लेखिका राजकीय महाविद्यालय, नाथद्वारा, राजसमन्द की प्राणीशास्त्र की सेवानिवृत्त सह आचार्य हैं)
———————————
‘नई हवा’ की खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए Good News, सरकार ने जारी किए ये आदेश | तत्काल लागू भी हुए
हम नमक और चीनी में खा रहे हैं प्लास्टिक | एक स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा
नई हवा’ की खबरें नियमित और अपने मोबाइल पर डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें
